MCXRates – डॉलर की मजबूती से सोना-चांदी में आई गिरावट
MCXRates – मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर गुरुवार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। सोना और चांदी दोनों में शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर घरेलू बुलियन बाजार पर भी दिखाई दिया।

एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद स्तर 1,58,755 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे खुला और 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,58,000 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। सत्र के दौरान इसमें और दबाव बढ़ा और भाव 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया।
चांदी में भी नरमी
चांदी की कीमतों में भी गिरावट का रुख बना रहा। मार्च फ्यूचर अनुबंध 1,657 रुपये की गिरावट के साथ 2,61,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। इससे पहले इसका बंद स्तर 2,63,018 रुपये था। कारोबार के दौरान चांदी 2,60,453 रुपये के निचले स्तर तक पहुंची। बाद में हल्की रिकवरी के बावजूद यह लगभग 0.74 प्रतिशत कमजोर रहकर 2,61,068 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सत्र में तेजी के बाद मुनाफावसूली भी कीमतों में गिरावट की एक वजह रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। जनवरी माह के अमेरिकी रोजगार आंकड़े अपेक्षा से बेहतर रहे, जिससे डॉलर को मजबूती मिली। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
स्पॉट गोल्ड करीब 0.4 प्रतिशत गिरकर 5,058 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी नरमी देखी गई। वहीं स्पॉट सिल्वर में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
अन्य धातुओं की चाल
कीमती धातुओं की श्रेणी में प्लैटिनम की कीमत में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2,110 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। इसके विपरीत पैलेडियम ने मामूली बढ़त दर्ज की और 1,707 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा।
डॉलर इंडेक्स और रोजगार आंकड़े
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स ने हाल की तेजी को बनाए रखा है। रोजगार आंकड़ों के अनुसार जनवरी में उम्मीद से अधिक नौकरियां सृजित हुईं और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई। मजबूत श्रम बाजार के संकेतों से यह धारणा बनी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा।
ब्याज दरों पर नजर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठकें सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम होंगी। एक सर्वे में संकेत मिला है कि दरों में तत्काल बदलाव की संभावना कम है, हालांकि जून में संभावित कटौती को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी निवेशकों की रणनीति पर असर डाल रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी हुई है।
फिलहाल घरेलू बाजार में निवेशक वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल पर पैनी नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अस्थिरता के दौर में सतर्क रणनीति अपनाना बेहतर रहता है।



