SkodaKushaq – पुणे प्लांट में शुरू हुआ फेसलिफ्ट मॉडल का निर्माण
SkodaKushaq – स्कोडा ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी कुशाक के फेसलिफ्ट वर्जन का उत्पादन महाराष्ट्र के पुणे स्थित चाकन प्लांट में औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। कंपनी के लिए यह कदम साल 2026 की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देते हुए इस नए मॉडल को भारतीय बाजार की जरूरतों और ग्राहकों की पसंद के अनुरूप तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस अपडेटेड एसयूवी की डिलीवरी मार्च 2026 से शुरू होने की संभावना है।

नई शुरुआत के साथ कंपनी की रणनीति
स्कोडा के इस फैसले को केवल एक मॉडल अपडेट के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे भारत में कंपनी की दीर्घकालिक योजना से जोड़कर समझा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार स्कोडा के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। ऐसे में फेसलिफ्ट कुशाक को स्थानीय स्तर पर तैयार करना लागत नियंत्रण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस मॉडल को विकसित करते समय भारतीय सड़कों, मौसम और ग्राहकों की प्राथमिकताओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है।
केबिन में प्रीमियम अनुभव का दावा
फेसलिफ्ट कुशाक के इंटीरियर में इस बार कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं, जो इसे अपने सेगमेंट में अलग पहचान देने की कोशिश करते हैं। पहली बार इसमें रियर सीट मसाज फंक्शन जोड़ा गया है, जो आमतौर पर इस श्रेणी की गाड़ियों में कम देखने को मिलता है। इसके अलावा पैनोरमिक सनरूफ को भी शामिल किया गया है, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। यह फीचर केबिन को अधिक खुलापन और प्रीमियम अहसास देता है। इन बदलावों के जरिए कंपनी उन ग्राहकों को आकर्षित करना चाहती है जो आराम और लग्जरी के बीच संतुलन चाहते हैं।
हालांकि, इस बार भी कंपनी ने एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स शामिल नहीं किए हैं। टेक्नोलॉजी पसंद करने वाले कुछ ग्राहकों के लिए यह एक कमी मानी जा सकती है, लेकिन कंपनी का फोकस फिलहाल ड्राइविंग अनुभव और भरोसेमंद प्रदर्शन पर केंद्रित दिखाई देता है।
परफॉर्मेंस में बड़ा अपडेट
नई कुशाक में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इसके ट्रांसमिशन विकल्प में देखने को मिलेगा। अब यह 8-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध होगी। इस अपग्रेड का उद्देश्य ड्राइव को अधिक स्मूद और रिफाइंड बनाना है। शहर के भारी ट्रैफिक से लेकर हाईवे की लंबी यात्राओं तक, यह नया गियरबॉक्स बेहतर संतुलन और आरामदायक अनुभव देने का दावा करता है।
इंजन विकल्पों में मौजूदा सेटअप को बरकरार रखा गया है, लेकिन ट्रांसमिशन सुधार से समग्र ड्राइविंग क्वालिटी में बदलाव महसूस किया जा सकता है। कंपनी का मानना है कि यह अपग्रेड ग्राहकों की रोजमर्रा की जरूरतों के अनुरूप है।
सुरक्षा मानकों पर कायम भरोसा
सुरक्षा के मामले में भी नई कुशाक को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें 40 से अधिक एक्टिव और पैसिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। साथ ही, इस मॉडल ने 5-स्टार ग्लोबल एनकैप रेटिंग को बरकरार रखा है, जो इसकी मजबूती और विश्वसनीयता को दर्शाता है। भारतीय बाजार में बढ़ती सुरक्षा जागरूकता को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत बना प्रमुख निर्यात केंद्र
स्कोडा के लिए भारत अब केवल बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि एक अहम उत्पादन और निर्यात केंद्र भी बनता जा रहा है। वर्ष 2025 में कंपनी ने देश में 1.17 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री का आंकड़ा पार किया। इसमें हाल ही में पेश किए गए मॉडल्स का बड़ा योगदान रहा। अब स्लाविया, टाइगुन, वर्टस और फेसलिफ्ट कुशाक के साथ कंपनी अपने बिक्री ग्राफ को और ऊपर ले जाने की तैयारी में है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फेसलिफ्ट मॉडल ग्राहकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है, तो यह स्कोडा की भारतीय बाजार में स्थिति को और मजबूत कर सकता है।



