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StockMarket – ऑटो शेयरों की तेजी से बाजार में मजबूत बढ़त दर्ज

StockMarket – घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को उम्मीद से बेहतर शुरुआत करते हुए तेजी का रुख अपनाया और दिन चढ़ने के साथ इसमें और मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जहां बाजार सीमित दायरे में रहने के संकेत दे रहा था, वहीं कुछ ही घंटों में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपरी स्तर पर पहुंच गए। खासतौर पर ऑटो सेक्टर के शेयरों में आई तेज मांग ने बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।

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शुरुआती कारोबार में दिखी सकारात्मक शुरुआत

सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों का रुझान सकारात्मक नजर आया। बीएसई का सेंसेक्स करीब 350 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी ने भी सौ अंकों से अधिक की तेजी के साथ कारोबार शुरू किया। हालांकि ग्लोबल संकेत मिश्रित थे, फिर भी घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। शुरुआती घंटे में ही यह साफ हो गया कि निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं।

ऑटो सेक्टर बना बाजार की तेजी का मुख्य आधार

दिन के आगे बढ़ने के साथ ऑटो कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला। मारुति सुजुकी के शेयरों में करीब पांच प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहा। महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी मजबूत खरीदारी देखी गई और इसके शेयर ऊंचे स्तर पर पहुंच गए।

इसके अलावा आयशर मोटर्स, बालकृष्णा इंडस्ट्रीज और अन्य ऑटो कंपनियों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। टायर निर्माता एमआरएफ ने भी उल्लेखनीय बढ़त हासिल करते हुए ऊंचे स्तर को पार किया। दोपहिया और अन्य ऑटो कंपनियों जैसे टीवीएस मोटर, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज ऑटो में भी स्थिर मजबूती बनी रही।

बाजार के प्रमुख सूचकांकों में उछाल

जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, सेंसेक्स में तेजी और मजबूत होती गई। यह सूचकांक दिन के दौरान 77,800 के स्तर के करीब पहुंच गया और सैकड़ों अंकों की बढ़त बनाए रखी। वहीं निफ्टी भी 24,700 के आसपास पहुंच गया, जो निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस तेजी के पीछे घरेलू निवेशकों की लगातार भागीदारी और सेक्टर-विशेष खरीदारी मुख्य कारण रहे हैं। खासतौर पर ऑटो सेक्टर की मजबूती ने पूरे बाजार को सहारा दिया।

वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर

बुधवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया के बाजार में हल्की गिरावट रही, जबकि अन्य बाजारों में सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। जापान का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा।

अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में गिरावट दर्ज की गई थी। प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, जिससे वैश्विक निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

गिफ्ट निफ्टी से मिले संकेत

कारोबार शुरू होने से पहले गिफ्ट निफ्टी हल्के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था, जिससे बाजार के सपाट या सीमित बढ़त के साथ खुलने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि वास्तविक कारोबार में बाजार ने इन अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन किया और तेजी पकड़ ली।

कच्चे तेल और अन्य कमोडिटी का प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि अन्य बेंचमार्क भी मजबूत बने हुए हैं। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

सोने और चांदी की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि डॉलर इंडेक्स भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है। इन सभी कारकों का असर वैश्विक निवेश धारणा पर पड़ रहा है।

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी अनिश्चितता

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसके साथ ही तेल उत्पादक समूह से जुड़े घटनाक्रमों ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। इन कारणों से निवेशक सतर्कता के साथ फैसले ले रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में सेक्टर-आधारित रणनीति ज्यादा कारगर हो सकती है। ऑटो, ऊर्जा, फार्मा और मेटल जैसे क्षेत्रों में अवसर दिख रहे हैं, लेकिन अस्थिरता को देखते हुए सावधानी जरूरी है।

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें और जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचें। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए संतुलित रणनीति अपनाना अधिक सुरक्षित माना जा रहा है।

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