StockMarketHoliday – अंबेडकर जयंती पर बंद रहा शेयर बाजार, आज नहीं हुई ट्रेडिंग
StockMarketHoliday – भारतीय शेयर बाजार मंगलवार, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर बंद रहा। इस दिन बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर किसी भी तरह का कारोबार नहीं हुआ। इक्विटी, डेरिवेटिव और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग जैसे सभी सेगमेंट में ट्रेडिंग पूरी तरह से स्थगित रही। निवेशकों के लिए अगला कारोबारी दिन 15 अप्रैल रहेगा, जब बाजार सामान्य समय पर फिर से खुलेगा।

एमसीएक्स में शाम को फिर शुरू हुआ कारोबार
जहां एक ओर शेयर बाजार पूरे दिन बंद रहा, वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज का समय अलग रहा। एमसीएक्स पर सुबह का सत्र बंद रखा गया, लेकिन शाम 5 बजे से रात 11:55 बजे तक कारोबार जारी रहा। यानी कमोडिटी ट्रेडिंग में निवेशकों को आंशिक गतिविधि का अवसर मिला।
अप्रैल के बाद अगली छुट्टी कब
अप्रैल महीने में यह आखिरी ट्रेडिंग अवकाश रहा। अब बाजार 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर बंद रहेगा। इसके बाद 28 मई को बकरीद के कारण भी शेयर बाजार में अवकाश रहेगा। जून महीने में 26 जून को मुहर्रम के चलते कारोबार नहीं होगा, जबकि जुलाई में कोई छुट्टी निर्धारित नहीं है।
साल के दूसरे हिस्से की प्रमुख छुट्टियां
आगे के महीनों में भी कुछ अहम तारीखों पर बाजार बंद रहेगा। अगस्त में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कारण छुट्टी रहेगी। सितंबर में 14 तारीख को गणेश चतुर्थी के अवसर पर बाजार बंद रहेगा। अक्टूबर में गांधी जयंती और दशहरा पर ट्रेडिंग नहीं होगी। नवंबर में दिवाली बलिप्रतिपदा और गुरु नानक जयंती के दिन भी कारोबार ठप रहेगा, जबकि दिसंबर में क्रिसमस के मौके पर बाजार बंद रहेगा।
सोमवार को बाजार में रही कमजोरी
इससे पहले सोमवार को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर निवेशकों के रुख पर पड़ा। निफ्टी 50 करीब एक प्रतिशत गिरकर 23,842 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स भी लगभग उतनी ही गिरावट के साथ 76,788 पर आ गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।
वैश्विक संकेतों का असर जारी
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय हालात फिलहाल बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति न होने से तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेश में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
आगे बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। जब तक वैश्विक तनाव में कमी नहीं आती, तब तक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन भी शुरू हो रहा है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।



