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TaxUpdate – नए वित्तीय वर्ष से लागू होंगे कई अहम नियम बदलाव

TaxUpdate – 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और टैक्स प्लानिंग पर पड़ने वाला है। सरकार ने टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से इन बदलावों को लागू किया है। इन नए नियमों में इनकम टैक्स, HRA, पैन कार्ड और निवेश से जुड़े कई पहलू शामिल हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

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नया इनकम टैक्स कानून लागू

इस साल से इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य पुराने और जटिल नियमों को आसान बनाना है। नए कानून के तहत कई पुराने सेक्शन हटाए गए हैं, जबकि कुछ को सरल भाषा में पेश किया गया है ताकि टैक्सपेयर्स को समझने में आसानी हो। इससे उम्मीद की जा रही है कि टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया अधिक सहज होगी।

टैक्स ईयर की नई परिभाषा

अब तक इस्तेमाल होने वाले फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर जैसे शब्दों की जगह अब केवल टैक्स ईयर शब्द का उपयोग किया जाएगा। इस बदलाव का मकसद टैक्स से जुड़े शब्दों में होने वाली उलझन को खत्म करना है, जिससे आम लोगों के लिए सिस्टम को समझना आसान हो सके।

आईटीआर फाइल करने की समयसीमा में बदलाव

नए नियमों के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रखी गई है। वहीं, जिन मामलों में ऑडिट की जरूरत नहीं होती, जैसे ITR-3 और ITR-4, उनकी डेडलाइन बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। इससे टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त समय मिलेगा।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग पर बढ़ा खर्च

फ्यूचर और ऑप्शंस में निवेश करने वालों के लिए लागत बढ़ने वाली है। सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.12 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे ट्रेडिंग करने वालों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स देना होगा।

एचआरए क्लेम के लिए सख्त नियम

HRA से जुड़ी छूट पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन अब इसके लिए अधिक दस्तावेज देने होंगे। कर्मचारियों को मकान मालिक का पैन कार्ड और किराए के भुगतान का वैध प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इससे फर्जी क्लेम पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

मील कार्ड और गिफ्ट वाउचर में राहत

कर्मचारियों को मिलने वाले मील कार्ड की टैक्स फ्री सीमा को बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 50 रुपये थी। इसके अलावा, कॉरपोरेट गिफ्ट और वाउचर की सीमा को 5000 रुपये से बढ़ाकर 15000 रुपये कर दिया गया है। यह छूट दोनों टैक्स रिजीम में लागू होगी।

एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस में बढ़ोतरी

सरकार ने शिक्षा से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखते हुए एजुकेशन अलाउंस की सीमा को 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह कर दिया है। वहीं, हॉस्टल अलाउंस को भी बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर नया नियम

अब सेकेंड्री मार्केट से खरीदे गए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा। हालांकि, यदि ये बॉन्ड उनके जारी होने के समय खरीदे गए हैं, तो पहले की तरह टैक्स छूट मिलती रहेगी।

पैन कार्ड नियमों में बदलाव

पैन कार्ड बनवाने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब केवल आधार के जरिए पैन बनवाना संभव नहीं होगा, बल्कि व्यक्ति या संस्था को अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदन करना होगा। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक नकद जमा करता है, तो पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा।

एक्सीडेंट मुआवजा हुआ टैक्स फ्री

मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे पर अब किसी प्रकार का TDS नहीं काटा जाएगा। इस बदलाव से दुर्घटना पीड़ितों को पूरी राशि मिलने में मदद मिलेगी।

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