WallStreetCrash – अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता
WallStreetCrash – अमेरिकी शेयर बाजार में सोमवार का सत्र भारी उतार-चढ़ाव के साथ समाप्त हुआ। प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। एसएंडपी 500 करीब 1 प्रतिशत लुढ़ककर 6,837.75 पर बंद हुआ। डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 821 अंकों से अधिक की गिरावट आई और यह 48,804.06 पर आ गया। वहीं नैस्डैक कंपोजिट भी 1 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 22,627.27 पर पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट का असर वैश्विक बाजारों पर, खासकर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

टैरिफ फैसले ने बढ़ाई अनिश्चितता
गिरावट के पीछे प्रमुख कारण अमेरिकी प्रशासन का हालिया टैरिफ संबंधी बयान माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि कुछ आयातित वस्तुओं पर अस्थायी रूप से 15 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। इससे पहले 10 प्रतिशत दर की घोषणा की गई थी, लेकिन अब संशोधित प्रस्ताव ने बाजार में असमंजस पैदा कर दिया है। वैश्विक व्यापार पर संभावित असर को लेकर निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
किन सेक्टरों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
एसएंडपी 500 के प्रमुख 11 सेक्टरों में वित्तीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके विपरीत, उपभोक्ता आवश्यक वस्तुओं से जुड़े शेयर अपेक्षाकृत स्थिर रहे और उनमें हल्की बढ़त भी देखी गई। हेल्थ सर्विस इंडेक्स को कुछ मजबूती मिली, जिसमें एली लिली के शेयरों का योगदान रहा। एक प्रतिस्पर्धी कंपनी की मोटापा रोधी दवा के अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन की खबर के बाद निवेशकों का रुझान एली लिली की ओर बढ़ा।
चुनिंदा कंपनियों में अलग रुख
बाजार की समग्र गिरावट के बीच कुछ कंपनियों के शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। डोमिनोज पिज्जा ने चौथी तिमाही में बेहतर समान-स्टोर बिक्री के आंकड़े पेश किए, जिससे उसके शेयरों में उछाल आया। इसी तरह पेपाल के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के संभावित अधिग्रहण को लेकर बाजार में चर्चा तेज है, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
एआई प्रतिस्पर्धा से साइबर सुरक्षा कंपनियां दबाव में
तकनीकी क्षेत्र में विशेष रूप से साइबर सुरक्षा कंपनियों पर दबाव नजर आया। निवेशकों को आशंका है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नए टूल पारंपरिक सेवाओं की मांग को प्रभावित कर सकते हैं। हाल ही में एक टेक कंपनी द्वारा लॉन्च किए गए नए एआई समाधान के बाद कुछ साइबर सुरक्षा शेयरों में तेज गिरावट आई। उदाहरण के तौर पर क्राउडस्ट्राइक के शेयर करीब 10 प्रतिशत तक फिसल गए, जिससे इस वर्ष का कुल नुकसान बढ़ गया।
भारतीय बाजार पर संभावित असर
अमेरिकी बाजारों में आई इस गिरावट का असर एशियाई बाजारों और भारत के दलाल स्ट्रीट पर भी पड़ सकता है। वैश्विक संकेतों के आधार पर निवेशक शुरुआती कारोबार में सतर्क रुख अपना सकते हैं। हालांकि बाजार की दिशा अंततः घरेलू कारकों और निवेशकों की धारणा पर भी निर्भर करेगी।
कुल मिलाकर, टैरिफ नीति, वैश्विक व्यापार संबंधी चिंताएं और तकनीकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा जैसे कारकों ने बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत घोषणाओं पर रहेगी।



