BollywoodNews – वैलेंटाइन डे पर शादी के फैसले पर बोले प्रतीक
BollywoodNews – अभिनेता राज बब्बर और दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल के बेटे प्रतीक स्मिता पाटिल पिछले कुछ समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। बीते वर्ष उन्होंने अभिनेत्री प्रिया बनर्जी के साथ विवाह किया था। दोनों लंबे समय तक एक-दूसरे को जानते और समझते रहे, फिर रिश्ते को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। शादी की तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने अपने प्रशंसकों को यह खुशखबरी दी थी। अब हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में प्रतीक ने खुलासा किया है कि उन्होंने 14 फरवरी, यानी वैलेंटाइन डे, को ही विवाह के लिए क्यों चुना।

दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, शादी तक पहुंचा सफर
एक बातचीत के दौरान प्रिया बनर्जी ने बताया कि उनका और प्रतीक का रिश्ता शुरुआत में बेहद सहज और दोस्ताना था। वक्त के साथ वही दोस्ती गहरी समझ और विश्वास में बदल गई। प्रिया के शब्दों में, प्रतीक उनके लिए सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि सबसे करीबी दोस्त भी हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने रिश्ते की नींव को हमेशा याद रखना चाहते थे, इसलिए शादी की तारीख भी उसी भावना से चुनी गई।
प्रतीक ने भी स्वीकार किया कि उनके रिश्ते की असली ताकत दोस्ती है। उनका मानना है कि जब दो लोग पहले अच्छे मित्र होते हैं, तो जीवन के उतार-चढ़ाव को संभालना आसान हो जाता है। यही वजह रही कि दोनों ने 14 फरवरी को अपने जीवन का नया अध्याय शुरू करने का निर्णय लिया।
वैलेंटाइन डे क्यों बना खास दिन
प्रतीक और प्रिया का कहना है कि वैलेंटाइन डे केवल प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि उनके लिए दोस्ती और भरोसे की याद भी है। उन्होंने इस तारीख को इसलिए चुना ताकि हर साल यह दिन उन्हें उनके रिश्ते की शुरुआत और उसकी सादगी की याद दिलाता रहे। उनके मुताबिक, रिश्तों में रोमांस जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी साथ निभाने वाली दोस्ती भी होती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि प्रतीक ने इसी दिन अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों के जरिए उन्होंने अपने प्रशंसकों को अपने जीवन के इस अहम फैसले से अवगत कराया।
पहली शादी और आगे का सफर
प्रिया से पहले प्रतीक की शादी सान्या सागर से हुई थी। वर्ष 2019 में विवाह के बाद कुछ समय तक दोनों साथ रहे, लेकिन बाद में दोनों ने अलग राह चुन ली। इस निजी अनुभव के बाद प्रतीक ने अपने जीवन में संतुलन और समझ को अधिक महत्व देने की बात कही थी।
अब प्रिया के साथ उनका नया अध्याय शुरू हुआ है, जिसे वे परिपक्वता और आपसी सम्मान पर आधारित बताते हैं। दोनों का कहना है कि वे निजी जीवन को निजी ही रखना पसंद करते हैं, लेकिन जरूरी मौकों पर प्रशंसकों के साथ खुशी साझा करना अच्छा लगता है।
फिल्मी करियर में सक्रियता
पेशेवर मोर्चे पर प्रतीक हाल ही में फिल्म ‘ख्वाबों का झमेला’ में नजर आए। इस फिल्म में उन्होंने जुबिन नाम के एक वित्त विशेषज्ञ की भूमिका निभाई, जो जीवन के हर फैसले को तर्क और गणना के आधार पर लेता है। उनके साथ अभिनेत्री सयानी गुप्ता भी प्रमुख भूमिका में थीं। फिल्म का निर्देशन दानिश असलम ने किया है।
प्रतीक का मानना है कि हर नई भूमिका उनके लिए सीखने का अवसर होती है। वे अलग-अलग किरदारों के जरिए खुद को चुनौती देना पसंद करते हैं और यही वजह है कि वे विविध भूमिकाएं चुनते हैं।
मां की याद में बदला नाम
निजी जीवन से जुड़ा एक और भावनात्मक निर्णय तब सामने आया जब प्रतीक ने आधिकारिक रूप से अपने नाम में अपनी मां स्मिता पाटिल का नाम जोड़ लिया। उन्होंने इसे अपनी मां के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि बताया। स्मिता पाटिल भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री रही हैं।
प्रतीक का जन्म होने के कुछ ही दिनों बाद उनकी मां का निधन हो गया था। ऐसे में उनके नाम में यह बदलाव केवल औपचारिक निर्णय नहीं, बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कदम उनके लिए अपनी जड़ों और विरासत को सम्मान देने जैसा है।



