मनोरंजन

FolkSinger – सड़क हादसे में थारू लोकगायिका रिंकू राणा का हुआ निधन, भतीजी घायल

FolkSinger – उत्तराखंड की थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा का गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब वह होली के अवसर पर अपने मायके बिडौरी जा रही थीं। जानकारी के अनुसार वह अपनी भतीजी के साथ स्कूटी से यात्रा कर रही थीं। रास्ते में ग्राम बिचपुरी के पास ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने रिंकू राणा को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से स्थानीय लोगों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई है।

tharu folk singer rinku rana death

हादसे में भतीजी भी घायल

बताया जा रहा है कि रिंकू राणा अपनी भतीजी के साथ बरुगाबाग से बिडौरी की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी उप जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रिंकू राणा को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनकी करीब दस वर्षीय भतीजी का उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची को चोटें आई हैं, लेकिन उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

चालक हादसे के बाद मौके से फरार

दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी और ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान करने और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है ताकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकगायिका रिंकू राणा के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि रिंकू राणा ने लोकसंगीत के माध्यम से थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके गीतों ने क्षेत्रीय संस्कृति और लोकपरंपराओं को संरक्षित करने में योगदान दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार और उनके प्रशंसकों को यह कठिन समय सहने की शक्ति देने की कामना की।

लोकसंगीत से जुड़ा रहा रिंकू राणा का जीवन

रिंकू राणा लंबे समय से बंटी राणा म्यूजिकल ग्रुप से जुड़ी हुई थीं और थारू लोकसंस्कृति से जुड़े पारंपरिक गीतों के लिए जानी जाती थीं। इसके अलावा वह हिंदी और कुमाउनी गीतों के साथ भजन भी गाया करती थीं।
परिजनों के अनुसार उन्होंने बचपन से ही अपने भाई के साथ भजन गाना शुरू कर दिया था और धीरे-धीरे लोकसंगीत के मंचों पर पहचान बनाई। वह तीन भाइयों की इकलौती बहन थीं और अपने परिवार के काफी करीब मानी जाती थीं।
उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में गहरा शोक छा गया। अस्पताल में भी उनके रिश्तेदारों, परिचितों और लोकगायकों का आना-जाना लगा रहा।

परिवार और समाज में शोक की लहर

रिंकू राणा के निधन से उनके परिवार के साथ-साथ क्षेत्रीय सांस्कृतिक जगत में भी शोक का माहौल है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और लोककलाकारों ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है।
बताया जा रहा है कि उनकी एक छोटी बेटी भी है, जो चौथी कक्षा में पढ़ती है। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिंकू राणा ने अपने गीतों के जरिए थारू समाज की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने का काम किया था और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.