UnderworldBollywood – मुंबई पुलिस अधिकारी ने खोले अंडरवर्ल्ड के पुराने राज
UnderworldBollywood – एक समय ऐसा भी था जब बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का गहरा असर देखने को मिलता था। फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग न सिर्फ दबाव में काम करते थे, बल्कि उन्हें धमकियों और उगाही जैसी स्थितियों का भी सामना करना पड़ता था। उस दौर में कई घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया। अब मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने उन दिनों से जुड़े कुछ अहम अनुभव साझा किए हैं, जिनसे उस समय की सच्चाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अबु सलेम के प्रभाव का जिक्र
एक बातचीत के दौरान प्रदीप शर्मा ने बताया कि उस दौर में अबु सलेम का नाम सबसे ज्यादा खौफ के साथ लिया जाता था। उनके अनुसार, सलेम के खिलाफ कई गंभीर आरोप थे और उसका नेटवर्क इतना मजबूत था कि लोग उससे जुड़े फोन कॉल तक उठाने से कतराते थे। उन्होंने गुलशन कुमार की हत्या का जिक्र करते हुए इसे बेहद गंभीर और दुखद घटना बताया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल
प्रदीप शर्मा के मुताबिक, उस समय फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले लोग लगातार मानसिक दबाव में रहते थे। उन्होंने बताया कि कई बार धमकियों के जरिए लोगों को झुकाने की कोशिश की जाती थी। यहां तक कि इंडस्ट्री से जुड़े अन्य पेशेवर, जैसे कैमरामैन और स्टाफ, भी इस दबाव से अछूते नहीं थे। इस माहौल ने कई लोगों के लिए सामान्य रूप से काम करना मुश्किल बना दिया था।
मनीषा कोइराला के सेक्रेट्री की हत्या का मामला
बातचीत के दौरान उन्होंने एक और घटना का जिक्र किया, जिसमें अभिनेत्री मनीषा कोइराला के सेक्रेट्री अजीत दीवानी की हत्या कर दी गई थी। प्रदीप शर्मा के अनुसार, यह घटना उस समय इंडस्ट्री में फैले डर को दिखाने के लिए अंजाम दी गई थी। इस मामले की जांच पुलिस ने की थी और इसे उस दौर के चर्चित मामलों में गिना जाता है।
इंडस्ट्री और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों पर टिप्पणी
प्रदीप शर्मा ने यह भी संकेत दिया कि उस समय कुछ लोग अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए गलत रास्तों का सहारा लेते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ कलाकारों ने शॉर्टकट अपनाने की कोशिश की, जिसका परिणाम बाद में उन्हें ही भुगतना पड़ा। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि उस दौर में इंडस्ट्री के हालात कितने जटिल थे।
अन्य आपराधिक घटनाओं का भी जिक्र
बातचीत में राकेश रोशन पर हुए हमले का भी उल्लेख किया गया। प्रदीप शर्मा ने बताया कि उस समय कुछ अपराधी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के जरिए काम करते थे और कई घटनाओं में उनका नाम सामने आया। इन घटनाओं ने यह साफ किया कि अंडरवर्ल्ड का प्रभाव सिर्फ धमकियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हिंसक रूप भी ले चुका था।
मौजूदा स्थिति पर क्या कहा गया
वर्तमान हालात पर बात करते हुए प्रदीप शर्मा ने कहा कि अब स्थिति काफी हद तक बदल चुकी है। कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों पर नियंत्रण पाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिससे इस तरह की घटनाओं में कमी आई है।



