HealthAlert – सैलून में हाई फ्रिक्वेंसी मसाज से आंखों को खतरा
HealthAlert – अक्सर पुरुष चेहरे की देखभाल के लिए नियमित रूप से सैलून जाते हैं और फेस मसाज जैसी सेवाएं लेते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस आदत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवा व्यक्ति को बार-बार हाई फ्रिक्वेंसी मसाज लेने की वजह से आंखों की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, यह लापरवाही उसकी नजर के लिए स्थायी नुकसान का कारण बन गई।

डॉक्टर ने साझा किया चौंकाने वाला मामला
एक नेत्र विशेषज्ञ ने बताया कि उनके पास कम उम्र का एक युवक धुंधली दृष्टि की शिकायत लेकर पहुंचा था। शुरुआती जांच में उसकी आंख में कैटारैक्ट के लक्षण दिखाई दिए। जब विस्तृत मेडिकल हिस्ट्री ली गई, तब पता चला कि वह सप्ताह में दो से तीन बार सैलून में हाई फ्रिक्वेंसी मसाज गन से फेस मसाज करवाता था।
डॉक्टर के मुताबिक, मसाज गन से निकलने वाली तेज कंपनें आंखों की संरचना पर अप्रत्यक्ष दबाव डाल सकती हैं। आंख की बॉल पर बार-बार पड़ने वाली यह तरंगें शॉक वेव की तरह असर करती हैं। यही कारण रहा कि उसकी आंख के लेंस पर धुंधलापन विकसित हो गया और धीरे-धीरे उसकी दृष्टि प्रभावित होने लगी।
हाई फ्रिक्वेंसी टूल्स कैसे बनते हैं खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि मसाज गन या वाइब्रेशन टूल्स शरीर की मांसपेशियों के लिए डिजाइन किए जाते हैं, न कि चेहरे या आंखों के बेहद संवेदनशील हिस्सों के लिए। जब इन्हें चेहरे के पास या आंखों के आसपास इस्तेमाल किया जाता है, तो उनकी तीव्र कंपन आंख के अंदरूनी हिस्सों तक असर डाल सकती है।
कैटारैक्ट की स्थिति में आंख के लेंस पर धुंधली परत जमने लगती है, जिससे साफ दिखाई देना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, ज्यादा कंपन से रेटिना पर भी असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में रेटिना के अलग होने का खतरा रहता है, जो दृष्टि हानि का कारण बन सकता है।
आंखों के आसपास की त्वचा सबसे ज्यादा संवेदनशील
चेहरे की त्वचा सामान्य तौर पर पतली होती है, लेकिन आंखों के आसपास की त्वचा उससे भी ज्यादा नाजुक होती है। इस हिस्से में वसा की परत कम और संरचना अधिक संवेदनशील होती है। ऐसे में भारी या तेज उपकरणों का इस्तेमाल जोखिम बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई लोग यह सोचकर मसाज गन का उपयोग करते हैं कि इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होगा या त्वचा रिलैक्स होगी। हालांकि, आंखों के बेहद करीब इसका इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जाता। छोटी-सी लापरवाही भी लंबे समय की समस्या बन सकती है।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगर फेस मसाज के दौरान किसी टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसकी फ्रिक्वेंसी कम रखी जाए। आंखों के आसपास, खासकर बोनी सॉकेट के पास, किसी भी प्रकार का वाइब्रेशन टूल नहीं लगाना चाहिए।
यदि मसाज के बाद आंखों में दर्द, भारीपन, धुंधलापन या रोशनी में परेशानी महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। घरेलू उपायों या नजरअंदाज करने से स्थिति बिगड़ सकती है।
सजग रहना ही बेहतर सुरक्षा
सैलून सेवाएं आराम और ग्रूमिंग का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हर उपकरण हर हिस्से के लिए उपयुक्त नहीं होता। चेहरे और आंखों के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
नेत्र विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि आंखें बेहद कीमती हैं और इनके साथ किसी भी तरह का प्रयोग सोच-समझकर ही किया जाना चाहिए। यदि किसी सेवा के दौरान असहजता महसूस हो, तो तुरंत रोक देना ही समझदारी है।



