Health risks of poor sleep habits: तगड़ी सेहत और घोड़े जैसी फुर्ती चाहिए, तो आज ही बदल डालें सोने से पहले की ये 5 घातक आदतें
Health risks of poor sleep habits: हमारी सुबह से लेकर रात तक की दिनचर्या ही यह तय करती है कि हमारा शरीर बीमारियों का घर बनेगा या ऊर्जा का केंद्र। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ हमारी बिगड़ी हुई जीवनशैली है। कई लोग सुबह उठते ही कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जिससे उनका पूरा दिन सुस्ती में बीतता है, वहीं रात की गलत आदतें सीधे तौर पर हृदय और मस्तिष्क को प्रभावित करती हैं। (Chronic lifestyle diseases prevention) के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि रात को सही रूटीन के साथ न सोने से न केवल नींद प्रभावित होती है, बल्कि यह तनाव और आलस का कारण भी बनता है।

पेट के बल सोने की आदत पड़ सकती है महंगी
मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, हर इंसान के सोने का तरीका अलग होता है, लेकिन ‘पेट के बल’ सोना सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। इस स्थिति में सोने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है और सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है। जब आप पेट के बल सोते हैं, तो (Oxygen supply to the brain) में कमी आने लगती है, जिससे नींद की गुणवत्ता गिर जाती है। बार-बार करवटें बदलने और बेचैनी के कारण शरीर को वह आराम नहीं मिल पाता जिसकी उसे जरूरत होती है। इसलिए कोशिश करें कि हमेशा पीठ के बल या बाईं करवट लेकर ही सोएं।
खुद का डॉक्टर बनना और नींद की गोलियों का खतरा
नींद न आने या अनिद्रा (Insomnia) से परेशान लोग अक्सर बिना डॉक्टरी सलाह के नींद की गोलियां लेने लगते हैं। यह आदत आपको एक भयंकर चक्र में फंसा सकती है, क्योंकि दवा बंद करते ही नींद गायब हो जाती है। लंबे समय तक (Side effects of sleeping pills) के कारण व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। शराब का सेवन करने वालों के लिए यह जानलेवा रिएक्शन भी कर सकती है। दवाओं के ओवरडोज से सोते समय मौत का जोखिम भी बढ़ जाता है, इसलिए दवा के बजाय प्राकृतिक तरीकों और सही दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए।
रात का भारी भोजन और पाचन तंत्र की बर्बादी
भारतीय घरों में अक्सर रात का खाना 10 से 11 बजे के बीच खाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है। भारी भोजन जैसे दाल-चावल, रोटी-सब्जी या मांसाहार करने के तुरंत बाद सो जाना (Improving digestive system health) के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। रात का खाना जितना हल्का और सुपाच्य होगा, आपकी आंतें उतनी ही साफ रहेंगी और सुबह आप खुद को फ्रेश महसूस करेंगे।
तकिए के बगल में मोबाइल रखना है साइलेंट किलर
डिजिटल युग में लोग सोने से ठीक पहले तक स्क्रीन से चिपके रहते हैं और फिर फोन को तकिए के पास रखकर सो जाते हैं। यह आदत आपके (Stress hormone cortisol levels) को अचानक बढ़ा सकती है। रात में किसी नोटिफिकेशन का वाइब्रेशन या रिंगटोन आपकी गहरी नींद में खलल डालती है, जिससे हार्ट बीट तेज हो सकती है। मोबाइल की रेडिएशन और रात में अचानक नींद टूटने से मानसिक तनाव बढ़ता है। मोबाइल को हमेशा खुद से कम से कम 5-6 फीट दूर रखकर ही सोना बेहतर नींद की कुंजी है।
टीवी चलाकर सोने से दिमाग नहीं कर पाता आराम
अक्सर लोग टीवी देखते-देखते सो जाते हैं और पूरी रात स्क्रीन चालू रहती है। टीवी की रोशनी और आवाज के कारण हमारा (Maintaining a healthy heart rate) मुश्किल हो जाता है क्योंकि दिमाग पूरी तरह ‘रेस्ट मोड’ में नहीं जा पाता। टीवी की अचानक तेज आवाज आपको घबराहट के साथ जगा सकती है, जो कमजोर दिल वालों के लिए रिस्की हो सकता है। गहरी और शांतिपूर्ण नींद के लिए जरूरी है कि कमरे में पूरी तरह अंधेरा और सन्नाटा हो, ताकि मेलाटोनिन हार्मोन सही ढंग से रिलीज हो सके।
तनाव और दिनभर के आलस से ऐसे पाएं छुटकारा
अगर आप ऊपर बताई गई आदतों को लगातार फॉलो कर रहे हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दिनभर चिड़चिड़ापन और थकान बनी रहती है। (Natural ways to reduce stress) का सबसे अच्छा तरीका एक फिक्स स्लीप शेड्यूल बनाना है। जब आप समय पर सोते हैं और गैजेट्स से दूर रहते हैं, तो शरीर की आंतरिक घड़ी (Circadian rhythm) सही से काम करती है। इससे न केवल आपका मेटाबॉलिज्म सुधरता है बल्कि आपकी त्वचा और बालों पर भी सकारात्मक असर दिखने लगता है।
एक स्वस्थ कल की शुरुआत आज की रात से
सेहतमंद रहना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बस अपनी रात की आदतों में छोटे सुधार करने की जरूरत है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह की सलाह मानकर अगर आप इन 5 गलतियों को आज ही छोड़ देते हैं, तो भविष्य में होने वाली (Preventing long term health issues) से खुद को बचा सकते हैं। याद रखें, एक अच्छी नींद सिर्फ आराम नहीं बल्कि आपके शरीर की रिपेयरिंग का समय है। अपने शरीर को वह कीमती समय दें और फिर देखें कि कैसे आपकी कार्यक्षमता और मानसिक शांति में क्रांतिकारी बदलाव आता है।



