FuelPrices – वैश्विक तनाव के बीच कई देशों में महंगा हुआ ईंधन
FuelPrices – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर दुनिया भर के ईंधन बाजार पर दिखाई देने लगा है। कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ा है। हालांकि भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की चर्चा भी सामने आ रही है।

कई पड़ोसी देशों में बढ़े ईंधन के दाम
अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं श्रीलंका और नेपाल में भी ईंधन की कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में तेल की ऊंची कीमतों का सीधा असर इन देशों की घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
एशियाई देशों में भी बढ़ा दबाव
लाओस, म्यांमार और फिलीपींस जैसे देशों में भी पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं। कुछ देशों में डीजल की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। तेल की कीमतों में तेजी के कारण परिवहन और रोजमर्रा की वस्तुओं की लागत भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका और खाड़ी देशों पर भी असर
ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल एशियाई देशों तक सीमित नहीं है। अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। अमेरिकी बाजार में पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं यूएई में भी ईंधन दरों में बढ़ोतरी देखने को मिली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
भारत में फिलहाल स्थिर हैं कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बावजूद भारत में अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, पटना और कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में ईंधन दरें स्थिर बनी हुई हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तेल विपणन कंपनियां फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी से बचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
प्रमुख शहरों में मौजूदा दरें
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब 94 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 87 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। वहीं कोलकाता, पटना और जयपुर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये से ऊपर चल रही हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना के कारण दरों में अंतर देखने को मिलता है।
आगे भी बनी रह सकती है अनिश्चितता
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर वैश्विक ईंधन कीमतों पर भी पड़ेगा। फिलहाल सरकारें और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।