Healthy Diet for Women Over 30: 30 की उम्र के बाद शरीर में नहीं होगी सुस्ती, इन 4 सुपरफूड्स से मिलेगी लोहे जैसी ताकत…
Healthy Diet for Women Over 30: घर-परिवार की धुरी होने के नाते महिलाएं सबका ख्याल तो बखूबी रख लेती हैं, लेकिन अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। जब घर का कोई सदस्य बीमार पड़ता है, तो माँ, पत्नी या बहन के रूप में एक औरत अपनी पूरी ऊर्जा उसकी सेवा में लगा देती है, मगर खुद के पोषण पर ध्यान देना भूल जाती है। आज के समय में (Balanced Nutrition Strategy) का पालन करना महिलाओं के लिए बेहद जरूरी हो गया है क्योंकि भागदौड़ भरी जिंदगी में उनका शरीर समय से पहले कमजोर होने लगा है।

बदलती जीवनशैली और 30 की उम्र के बाद की चुनौतियां
आजकल की महिलाओं में 30 साल की दहलीज पार करते ही जोड़ों में दर्द, लगातार थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। खराब खान-पान और तनावपूर्ण दिनचर्या की वजह से शरीर का इम्यून सिस्टम प्रभावित हो रहा है। विख्यात न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर तमन्ना दयाल के अनुसार, अगर महिलाएं अपनी (Daily Dietary Habits) में थोड़ा सा बदलाव करें और कुछ खास सुपरफूड्स को शामिल करें, तो वे उम्र के इस पड़ाव पर भी खुद को ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रख सकती हैं।
चुकंदर है खून बढ़ाने और एनीमिया को दूर करने का रामबाण
महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी होना एक बड़ी समस्या है, जिसे चुकंदर खाकर आसानी से दूर किया जा सकता है। चुकंदर न केवल शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है, बल्कि यह (Essential Micronutrients Intake) को भी सुनिश्चित करता है। इसमें मौजूद फोलेट, मैंगनीज और पोटैशियम जैसे तत्व पीरियड्स के दौरान होने वाले ब्लड लॉस की भरपाई करने में मदद करते हैं, जिससे चक्कर आने और थकान महसूस होने जैसी समस्याओं से परमानेंट राहत मिलती है।
रागी का आटा बनाएगा हड्डियों को वज्र जैसा मजबूत
कैल्शियम की कमी के कारण महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस और जोड़ों के दर्द का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में साधारण गेहूं के आटे की जगह रागी को शामिल करना एक स्मार्ट विकल्प है क्योंकि एक कप रागी में लगभग 350 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए (Calcium Rich Superfoods) की श्रेणी में रागी सबसे ऊपर आता है। जिन महिलाओं को घुटनों या कमर में दर्द रहता है, उन्हें अपनी डायट में रागी की रोटी या दलिया जरूर शामिल करना चाहिए।
डार्क चॉकलेट से मिलेगी स्ट्रेस और दर्द से राहत
पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय क्रैम्प्स और मानसिक तनाव को कम करने में डार्क चॉकलेट एक जादुई भूमिका निभाती है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और जिंक प्रचुर मात्रा में होते हैं जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने के साथ-साथ (Muscle Pain Relief) में भी सहायक होते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिनभर में डार्क चॉकलेट के दो छोटे टुकड़े खाना पूरी तरह सुरक्षित है। यह शुगर-फ्री होती है, इसलिए वजन बढ़ने या ब्लड शुगर बढ़ने का डर भी नहीं रहता।
पीसीओएस और हार्मोन्स के लिए अलसी के बीज का जादू
आजकल की बड़ी आबादी पीसीओएस और बिगड़ते हार्मोनल संतुलन से परेशान है, जिसके लिए फ्लैक्स सीड्स यानी अलसी के बीज रामबाण हैं। अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिगनन्स शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन को प्राकृतिक रूप से बैलेंस करने का काम करते हैं। इसके नियमित सेवन से (Hormonal Balance Maintenance) आसान हो जाता है। आप इसे भूनकर सीधे खा सकती हैं या अपनी पसंदीदा स्मूदी में मिलाकर इसके पोषण का लाभ उठा सकती हैं।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार बचाएगा गंभीर बीमारियों से
डॉक्टरों का मानना है कि महिलाओं को एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि शरीर की अंदरूनी मरम्मत होती रहे। विटामिन सी और फाइबर युक्त आहार न केवल पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, बल्कि त्वचा की चमक भी बनाए रखते हैं। अपनी (Immune System Strengthening) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए फल और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए। यह न केवल वर्तमान स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि भविष्य में होने वाली बीमारियों के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर देता है।
खुद की सेहत को प्राथमिकता देना है वक्त की मांग
अंत में यह समझना जरूरी है कि एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ परिवार का निर्माण कर सकती है। अपने खान-पान में लापरवाही बरतना आपके भविष्य के लिए महंगा साबित हो सकता है। पोषण विशेषज्ञ द्वारा बताए गए इन सुपरफूड्स को अपनाकर आप अपनी (Long Term Wellness Goals) को हासिल कर सकती हैं। याद रखिए, अपनी थाली में सही पोषण सजाना कोई विलासिता नहीं, बल्कि आपकी बुनियादी जरूरत है, ताकि आप उम्र के हर दशक में मुस्कुराती और सक्रिय बनी रहें।



