ProcessedFood – पैकेट वाले खाने से बढ़ता स्वास्थ्य खतरा, डॉक्टर की चेतावनी
ProcessedFood – आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में पैकेट बंद खाद्य पदार्थ हमारी रोज़मर्रा की थाली का हिस्सा बन चुके हैं। स्वाद, सुविधा और आकर्षक पैकिंग के चलते लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे इन्हें अपने घर में जगह दे देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यही आदतें आगे चलकर गंभीर बीमारियों की वजह बन रही हैं। दिल की बीमारी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और यहां तक कि कुछ मामलों में कैंसर जैसी समस्याएं अब कम उम्र में ही सामने आ रही हैं।

दिल्ली के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक चोपड़ा के अनुसार, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स का बढ़ता चलन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। उनका मानना है कि कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें स्वाद या सुविधा के कारण नहीं बल्कि सेहत को ध्यान में रखकर पूरी तरह घर से बाहर रखा जाना चाहिए।
पैकेट वाले खाने में छिपा जोखिम
डॉक्टर चोपड़ा बताते हैं कि लंबे समय तक खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड्स में प्रिज़र्वेटिव, केमिकल और अत्यधिक मात्रा में नमक, चीनी व फैट मिलाया जाता है। ये तत्व धीरे-धीरे शरीर के मेटाबॉलिज़्म को प्रभावित करते हैं। कई बार जो चीज़ें देखने में हेल्दी लगती हैं, उनमें पोषण लगभग नहीं के बराबर होता है, लेकिन नुकसान लंबे समय तक चलता रहता है।
प्रोसेस्ड मीट से बढ़ता खतरा
आजकल बाजार में चिकन, मटन, फिश और अन्य मीट आसानी से पैकेट में मिल जाते हैं। लोग इन्हें साफ-सफाई की झंझट से बचने के लिए खरीद लेते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक स्टोर किए गए प्रोसेस्ड मीट में पोषक तत्वों की गुणवत्ता घट जाती है। इनमें मिलाए गए केमिकल और प्रिज़र्वेटिव दिल और पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। नियमित सेवन से हार्ट डिज़ीज़ और पेट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
शुगर से भरे ड्रिंक्स और जूस
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेट वाले फ्रूट जूस और एनर्जी ड्रिंक्स को अक्सर लोग सेहतमंद विकल्प मान लेते हैं, जबकि सच्चाई इससे उलट है। इन पेयों में पोषण कम और चीनी की मात्रा बेहद अधिक होती है। डॉक्टर चोपड़ा के अनुसार, इन्हें नियमित रूप से पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। बच्चों और युवाओं में डायबिटीज़ का खतरा इसी आदत से कई गुना बढ़ जाता है।
नमकीन स्नैक्स और हाई ब्लड प्रेशर
चिप्स, भुजिया और अन्य सॉल्टी स्नैक्स स्वाद में भले ही लुभावने हों, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए नमक की मात्रा ज़्यादा रखी जाती है। अधिक नमक का सेवन सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को जन्म देता है। इसके अलावा, इन्हें तलने में इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल दिल के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
पैकेज्ड मिठाइयों से बढ़ती चिंता
मिठाई के डिब्बे, गमी कैंडी, चॉकलेट, बिस्किट और कुकीज़ बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आते हैं। लेकिन इन उत्पादों में आर्टिफिशियल शुगर, रंग और फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इनका लगातार सेवन कम उम्र में ही मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं को न्योता देता है। बच्चों की सेहत पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
स्वस्थ विकल्प अपनाने की सलाह
डॉक्टर आलोक चोपड़ा सलाह देते हैं कि घर में ताज़ा और प्राकृतिक भोजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मौसमी फल, सब्ज़ियां, घर पर बना खाना और कम से कम प्रोसेस्ड चीज़ों का इस्तेमाल स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है। स्वाद के साथ-साथ सेहत का संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।



