Sprouted Onion Safety Guide: कचरा समझने की न करें भूल, क्या अंकुरित प्याज वाकई आपकी सेहत के लिए है जहर…
Sprouted Onion Safety Guide: अक्सर हमारी रसोई में रखे प्याज से जब नन्ही हरी कोंपलें बाहर निकलने लगती हैं, तो हम उसे खराब मानकर कूड़ेदान के हवाले कर देते हैं। मन में यह डर बैठा होता है कि कहीं अंकुरित आलू की तरह यह प्याज भी (Solanine Toxicity Risk) से भरा तो नहीं है? हम अक्सर प्राकृतिक बदलावों को बीमारी या सड़न समझने की गलती कर बैठते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस प्याज को आप फेंक रहे हैं, वह दरअसल पोषण का एक नया केंद्र हो सकता है? सीके बिड़ला अस्पताल की मशहूर डाइटिशियन दीपाली शर्मा ने इस उलझन को सुलझाते हुए चौंकाने वाले तथ्य साझा किए हैं।

आलू और प्याज के अंकुरण में जमीन-आसमान का अंतर
डाइटिशियन दीपाली शर्मा के अनुसार, प्याज और आलू के अंकुरण की प्रक्रिया पूरी तरह अलग होती है। आलू जब अंकुरित होता है, तो उसमें सोलनिन नामक जहरीला तत्व बढ़ने लगता है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। इसके विपरीत, प्याज में जब अंकुर निकलता है, तो वह (Natural Plant Growth Process) का हिस्सा मात्र होता है। इसका मतलब है कि प्याज अपने भीतर संचित ऊर्जा का उपयोग एक नया पौधा उगाने के लिए कर रहा है। यह प्रक्रिया प्याज को जहरीला नहीं बनाती, बल्कि कई मामलों में इसके कुछ खास पोषक तत्वों को और भी सक्रिय कर देती है।
स्वाद और बनावट में आने वाले बदलाव
हालांकि अंकुरित प्याज जहरीला नहीं होता, लेकिन (Culinary Quality Changes) को नकारा नहीं जा सकता। जैसे-जैसे अंकुर बढ़ता है, प्याज के मुख्य हिस्से से पोषक तत्व और पानी उस कोंपल की तरफ जाने लगते हैं। इस वजह से प्याज थोड़ा नरम, सिकुड़ा हुआ और स्वाद में हल्का कड़वा महसूस हो सकता है। यदि प्याज छूने में अभी भी टाइट है और उस पर किसी तरह के काले धब्बे नहीं हैं, तो आप बेझिझक उसकी हरी कोंपल निकालकर बाकी हिस्से का उपयोग अपने भोजन में कर सकते हैं।
अंकुरित प्याज को इस्तेमाल करने का स्मार्ट तरीका
प्याज से निकली हरी कोंपल को फेंकने के बजाय आप इसे ‘स्प्रिंग अनियन’ या हरे प्याज की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि (Antioxidant Level Increment) की वजह से अंकुरित प्याज सामान्य प्याज से अधिक गुणकारी हो सकता है। आप इन हरी डंडियों को सलाद, सूप, या सब्जी की गार्निशिंग के लिए बारीक काटकर डाल सकते हैं। इसका हल्का और मीठा स्वाद आपके व्यंजनों में एक नया जायका जोड़ देता है और शरीर को अतिरिक्त फाइबर प्रदान करता है।
कब प्याज को फेंक देना ही समझदारी है?
भले ही अंकुरित होना सड़न का संकेत नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में (Food Spoilage Indicators) को पहचानना बहुत जरूरी है। डॉक्टर दीपाली शर्मा चेतावनी देती हैं कि अगर प्याज छूने पर बहुत ज्यादा नरम या चिपचिपा महसूस हो, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। इसके अलावा, यदि प्याज से दुर्गंध आ रही हो या उसकी परतों पर काली फफूंदी दिखाई दे, तो इसका सेवन कतई न करें। यह फफूंदी गंभीर पेट दर्द या संक्रमण का कारण बन सकती है। संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को अंकुरित प्याज से गैस की समस्या हो सकती है, इसलिए उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल और इम्यूनिटी के लिए प्याज का महत्व
प्याज केवल स्वाद का साधन नहीं है, बल्कि यह सल्फर कंपाउंड और एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है। सीमित मात्रा में प्याज का सेवन (Heart Health Maintenance) और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्याज में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखता है। चाहे प्याज साधारण हो या अंकुरित, डॉक्टर की सलाह यही है कि इसे अपनी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं। अंकुरित प्याज को कच्चा खाने के बजाय पकाकर खाना उन लोगों के लिए बेहतर होता है जिन्हें अक्सर एसिडिटी की शिकायत रहती है।
प्याज को अंकुरित होने से कैसे बचाएं?
यदि आप प्याज को लंबे समय तक ताजा रखना चाहते हैं और उसे अंकुरण से बचाना चाहते हैं, तो भंडारण के तरीकों पर ध्यान दें। (Proper Vegetable Storage) के लिए प्याज को हमेशा ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखना चाहिए। नमी और सीधी धूप प्याज के अंकुरण को बढ़ावा देती है, इसलिए इन्हें अंधेरी जगह पर रखना बेहतर है। सबसे जरूरी बात यह है कि प्याज को कभी भी प्लास्टिक बैग में बंद करके न रखें, क्योंकि इससे नमी अंदर ही फंस जाती है जो प्याज को अंकुरित करने के साथ-साथ सड़ा भी सकती है।
निष्कर्ष: फेंकने से पहले परखें
अंततः, अंकुरित प्याज आपकी रसोई का दुश्मन नहीं बल्कि एक बहुमुखी विकल्प है। यदि प्याज की बाहरी परतें स्वस्थ हैं, तो (Nutritional Diet Choices) के तौर पर आप इसे अपनी सब्जी या सलाद में शामिल कर सकते हैं। कुदरत की इस प्रक्रिया को जहर समझने की भूल न करें, बस प्याज की बनावट और गंध को जांच कर ही उसे इस्तेमाल में लाएं। जागरूक होकर हम न केवल अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं, बल्कि भोजन की बर्बादी को भी कम कर सकते हैं।



