झारखण्ड

HighCourtOrder – मधु सिंह को इलाज हेतु विदेश यात्रा की मिली अनुमति

HighCourtOrder – झारखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व मंत्री कमलेश कुमार सिंह की पत्नी मधु सिंह को चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने की इजाजत दे दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपचार कराना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और यदि आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं विदेश में उपलब्ध हों तो उसे रोका नहीं जा सकता। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने मधु सिंह को अमेरिका और ब्रिटेन यात्रा की अनुमति प्रदान की है।

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पासपोर्ट जमा होने के कारण अटकी थी यात्रा

मधु सिंह आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में आरोपी हैं, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है। वर्ष 2014 में उन्हें जमानत मिली थी, लेकिन जमानत की शर्त के तहत उनका पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करा लिया गया था। इसी कारण वह विदेश नहीं जा पा रही थीं।

उच्च न्यायालय ने अब जमानत की उस शर्त में आंशिक संशोधन करते हुए पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि वह उपचार के लिए निर्धारित देशों की यात्रा कर सकें।

मुकदमे की प्रक्रिया अभी जारी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह लगातार अदालत में पेश हो रही हैं और मुकदमे की कार्यवाही में सहयोग कर रही हैं। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल 100 गवाहों की सूची दी है, जिनमें से अब तक 46 गवाहों से जिरह पूरी हो चुकी है। शेष 54 गवाहों की गवाही और जिरह अभी बाकी है, जिससे स्पष्ट है कि मुकदमे को निष्कर्ष तक पहुंचने में समय लग सकता है।

मधु सिंह की ओर से यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता है और देश के बाहर बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य आधार पर दी गई राहत

याचिका में कहा गया कि वह यकृत संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और चिकित्सकीय परीक्षण में उन्हें कैंसर पूर्व अवस्था में पाया गया है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अदालत से विदेश में रह रहे अपने परिजनों के पास जाकर उपचार कराने की अनुमति मांगी थी।

अदालत ने इस पहलू को गंभीरता से लिया और माना कि जब तक किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है, तब तक उसे आवश्यक उपचार से वंचित नहीं किया जा सकता।

शर्तों के साथ विदेश यात्रा की मंजूरी

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि विदेश यात्रा से पहले मधु सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत को अपनी यात्रा की तिथियां और वापसी की योजना लिखित रूप में बतानी होगी। इसके अलावा, हर बार विदेश जाने से पूर्व संबंधित अदालत से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

अदालत ने यह भी कहा कि जमानत की शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए और न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

कानूनी और मानवीय संतुलन

यह आदेश एक ओर जहां न्यायिक प्रक्रिया को जारी रखने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर व्यक्ति के स्वास्थ्य और अधिकारों के संरक्षण पर भी बल देता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहते हुए मानवीय आधार पर राहत दी जा सकती है।

फिलहाल मधु सिंह को निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए विदेश यात्रा की अनुमति मिल गई है। मामले की अगली सुनवाई नियत तिथि पर जारी रहेगी।

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