अंतर्राष्ट्रीय

Artemis2 – चंद्र मिशन से सुरक्षित लौटे अंतरिक्ष यात्री, बना इतिहास

Artemis2 – नासा का आर्टेमिस-2 मिशन तय समय पर पूरा हो गया और चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए। करीब 10 दिनों तक चली इस चंद्र यात्रा के बाद शनिवार सुबह उनका कैप्सूल प्रशांत महासागर में उतरा। इस मिशन को मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह भविष्य में चंद्रमा पर मानव उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

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संचार बाधित होने से बढ़ा तनाव

पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान कुछ समय के लिए अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया, जिससे मिशन कंट्रोल में हल्का तनाव पैदा हो गया था। हालांकि, कुछ मिनट बाद जैसे ही कमांडर की आवाज कंट्रोल रूम तक पहुंची, सभी ने राहत की सांस ली। यह चरण हर अंतरिक्ष मिशन में सबसे संवेदनशील माना जाता है, जहां थोड़ी सी भी गड़बड़ी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।

री-एंट्री रहा सबसे चुनौतीपूर्ण चरण

अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी की ओर लौटते समय बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। करीब 40,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वायुमंडल में प्रवेश करते हुए यान को अत्यधिक तापमान झेलना पड़ा। इस दौरान यान के चारों ओर गर्म प्लाज्मा की परत बन गई, जिससे कुछ मिनटों के लिए संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया। इसके बावजूद सभी सुरक्षा प्रणालियां सही ढंग से काम करती रहीं और पैराशूट खुलने के बाद सुरक्षित लैंडिंग संभव हो पाई।

पिछले अनुभवों से मिला लाभ

इस मिशन की सफलता में पहले किए गए परीक्षणों और अनुभवों की बड़ी भूमिका रही। 2022 के आर्टेमिस-1 मिशन के दौरान हीट शील्ड को लेकर जो चिंताएं सामने आई थीं, उन्हें ध्यान में रखते हुए इस बार तकनीकी बदलाव किए गए। री-एंट्री का मार्ग इस तरह तय किया गया कि जोखिम को कम किया जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित रहे।

टीम में दिखी विविधता

इस मिशन में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्रियों की टीम कई मायनों में खास रही। इसमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई सदस्य शामिल थे। टीम में एक महिला अंतरिक्ष यात्री, एक अश्वेत सदस्य और एक गैर-अमेरिकी प्रतिनिधि भी शामिल रहा, जो अंतरिक्ष अभियानों में बढ़ती विविधता को दर्शाता है। यह अपोलो मिशनों के दौर से अलग एक नई सोच को सामने लाता है।

नया दूरी रिकॉर्ड और खास दृश्य

इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से अब तक की सबसे अधिक दूरी तय की। उन्होंने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए और अधिक दूर तक यात्रा की। इस दौरान उन्होंने अंतरिक्ष से कई दुर्लभ दृश्य भी देखे और तस्वीरें लीं, जिनमें चंद्रमा के पीछे से उगती पृथ्वी का दृश्य खास तौर पर उल्लेखनीय रहा। इसके अलावा सूर्य ग्रहण और चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से के दृश्य भी इस मिशन का हिस्सा रहे।

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