HamasLeadership – नए प्रमुख के चयन में मेशाल और हय्या आमने-सामने…
HamasLeadership – हमास के भीतर नए शीर्ष नेतृत्व को लेकर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, संगठन ने अपनी आंतरिक चुनाव प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है और अब राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख पद के लिए दो नाम प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं—खालिद मेशाल और खलील अल-हय्या। यह पद संगठन में सर्वोच्च राजनीतिक जिम्मेदारी का माना जाता है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह चुनाव विशेष महत्व रखता है।

आंतरिक ढांचे का पुनर्गठन
सूत्रों ने बताया कि हाल ही में हमास ने अपनी शूरा परिषद का गठन पूरा किया है। यह परिषद मुख्य रूप से धार्मिक और वैचारिक मार्गदर्शन देने वाली सलाहकार इकाई मानी जाती है। इसके साथ ही एक नया राजनीतिक ब्यूरो भी गठित किया गया है। परिषद के सदस्य हर चार वर्ष में चुने जाते हैं और वे ही आगे चलकर राजनीतिक ब्यूरो का चयन करते हैं। यही ब्यूरो संगठन के प्रमुख का फैसला करता है।
हालिया संघर्ष की पृष्ठभूमि
7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद गाजा में शुरू हुए संघर्ष के दौरान इजरायली कार्रवाई में हमास के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इनमें संगठन के पूर्व प्रमुख भी शामिल थे। इस वजह से नेतृत्व संरचना में खाली स्थान उत्पन्न हुए, जिन्हें भरने के लिए यह चुनावी प्रक्रिया शुरू की गई। एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि संगठन की तीनों इकाइयों—गाजा, वेस्ट बैंक और बाहरी नेतृत्व—में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
कैसे होती है चुनाव प्रक्रिया
हमास की संरचना के तहत गाजा पट्टी, कब्जे वाले वेस्ट बैंक और विदेशों में रह रहे प्रतिनिधि परिषद के लिए मतदान करते हैं। इजरायली जेलों में बंद हमास से जुड़े कैदियों को भी मतदान का अधिकार दिया जाता है। इसके बाद चुनी गई परिषद राजनीतिक ब्यूरो का गठन करती है, जो संगठन के सर्वोच्च नेता का चयन करती है। इस बार नेतृत्व की दौड़ दो प्रमुख चेहरों तक सिमट गई है।
दावेदारों की पृष्ठभूमि
खलील अल-हय्या को हमास के भीतर लंबे समय से प्रभावशाली नेता माना जाता है। वे गाजा से आते हैं और संगठन की वार्ताओं में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं। दूसरी ओर, खालिद मेशाल ने 2004 से 2017 तक राजनीतिक ब्यूरो का नेतृत्व किया था। उनका राजनीतिक सफर वेस्ट बैंक से शुरू होकर कुवैत, जॉर्डन, सीरिया और कतर तक फैला रहा है। मेशाल को हमास के संगठनात्मक विस्तार और राजनीतिक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है।
संक्रमणकालीन नेतृत्व की संभावना
एक अन्य सूत्र के अनुसार, नया प्रमुख फिलहाल एक वर्ष की संक्रमण अवधि के लिए नियुक्त किया जा सकता है। इसका उद्देश्य संगठन के भीतर स्थिरता बनाए रखना और नेतृत्व के रिक्त पदों को भरना है। बताया गया है कि हजारों सदस्यों ने परिषद और राजनीतिक ब्यूरो के गठन में भाग लिया, हालांकि मतदान प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया।
आगे की दिशा पर नजर
विश्लेषकों का मानना है कि यह नेतृत्व परिवर्तन हमास की रणनीति और भविष्य की दिशा पर असर डाल सकता है। मौजूदा हालात में संगठन को आंतरिक एकजुटता और बाहरी चुनौतियों दोनों का सामना करना है। आने वाले दिनों में नए प्रमुख की औपचारिक घोषणा की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि संगठन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।



