IndianCrew – ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हुआ हमला, लापता हुए तीन भारतीय
IndianCrew – पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के निकट एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। घटना के बाद 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

भारत सरकार ने घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए इसकी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रभावित नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लापता लोगों की तलाश के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
हमले के बाद शुरू हुआ बचाव अभियान
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पलाऊ ध्वज वाले इस तेल टैंकर पर हमला उस समय हुआ जब वह ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील की दूरी पर मौजूद था। घटना के बाद जहाज की ओर से आपात संदेश भेजा गया, जिसके आधार पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद अधिकांश चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। भारतीय दूतावास, मस्कट में मौजूद अधिकारियों को तत्काल सक्रिय किया गया और ओमान की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की निगरानी शुरू कर दी गई।
हमले की परिस्थितियों पर जारी है जांच
घटना के कारणों और हमले की प्रकृति को लेकर विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक निजी संस्था ने प्रारंभिक आकलन में आशंका जताई है कि जहाज किसी सैन्य गतिविधि के प्रभाव में आया हो सकता है। हालांकि हमले की जिम्मेदारी को लेकर अभी तक किसी पक्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, जहाज के इंजन कक्ष में गंभीर क्षति हुई, जिसके बाद उसमें आग लग गई। आग लगने से जहाज के संचालन पर असर पड़ा और चालक दल को तत्काल सहायता की आवश्यकता पड़ी।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। लापता नाविकों की तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन और समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर प्रयास जारी हैं।
मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद भारतीय मिशन लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और प्रभावित परिवारों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राहत और खोज अभियान में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। यह इलाका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और दुनिया के बड़े हिस्से तक पहुंचने वाला तेल इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री यातायात पर पड़ सकता है। ऐसे में जहाजों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक समुदाय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है।
भारत ने शांति और संवाद की वकालत की
घटना के बाद भारत ने एक बार फिर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। साथ ही सभी पक्षों से संयम बरतने और ऐसे कदम उठाने की अपील की गई है, जिससे क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।