IndiaUSRelations – पूर्व अमेरिकी राजदूत की चेतावनी, पाक संबंधों पर जताई चिंता
IndiaUSRelations – अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत केनेथ जस्टर ने भारत-अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को लेकर एक अहम टिप्पणी की है, जिसने कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। वाशिंगटन डीसी स्थित हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित ‘द न्यू इंडिया कॉन्फ्रेंस’ में बोलते हुए उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियां भविष्य में भारत के रणनीतिक फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं।

पाकिस्तान और अमेरिका के बढ़ते रिश्तों पर चिंता
जस्टर ने कहा कि हाल के समय में पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रशासन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पाकिस्तान अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। यह बदलाव कई विशेषज्ञों के लिए अप्रत्याशित है और भारत के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
भारत की सुरक्षा नीति पर संभावित असर
पूर्व राजदूत ने कहा कि अगर भविष्य में सीमा पार से कोई बड़ा आतंकी हमला होता है, तो अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंध भारत की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। उनके अनुसार, भारत को यह विचार करना पड़ सकता है कि ऐसे हालात में अमेरिका का समर्थन किस हद तक मिलेगा।
पुलवामा और बालाकोट का संदर्भ
जस्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पुलवामा हमले और उसके बाद भारत की बालाकोट एयरस्ट्राइक को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन मौजूदा समीकरणों में भारत को यह आशंका हो सकती है कि कड़े कदम उठाने पर उसे पहले जैसा अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलेगा या नहीं।
द्विपक्षीय संबंधों को लेकर उम्मीद
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत आधार पर खड़े हैं और भविष्य में इन्हें और बेहतर बनाने की संभावनाएं बनी हुई हैं। उन्होंने दोनों देशों से पारस्परिक हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर
जस्टर ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जनसंख्या, आर्थिक क्षमता, तकनीकी कौशल और सैन्य ताकत के कारण भारत 21वीं सदी की प्रमुख शक्तियों में शामिल है। ऐसे में अमेरिका के लिए भारत के साथ सकारात्मक साझेदारी बनाए रखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
बदलते वैश्विक समीकरणों पर नजर
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। अमेरिका, पाकिस्तान और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों ने क्षेत्रीय संतुलन को नया रूप दिया है, जिसका असर भारत की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है।