अंतर्राष्ट्रीय

Russia Ukraine war: चार साल बाद रूस यूक्रेन युद्ध में शांति वार्ता की नई पहल

Russia Ukraine war: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से जारी भीषण युद्ध के बीच पहली बार शांति समझौते को लेकर औपचारिक बातचीत की शुरुआत हुई है। शुक्रवार को अबू धाबी में हुई इस अहम बैठक में रूस, अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारी एक ही मंच पर नजर आए। यह घटनाक्रम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अब तक युद्धविराम को लेकर कोई प्रत्यक्ष त्रिपक्षीय संवाद नहीं हो पाया था। हालांकि बैठक से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह वार्ता शनिवार को भी जारी रहेगी।

Russia Ukraine war
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शांति वार्ता का ऐतिहासिक महत्व

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर शांति प्रक्रिया पर चर्चा कर रहे हैं। चार साल से जारी इस संघर्ष ने न केवल दोनों देशों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। ऐसे में अबू धाबी में हुई यह बैठक एक संभावित युद्धविराम और राजनीतिक समाधान की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

अबू धाबी को बैठक स्थल क्यों चुना गया

इस त्रिपक्षीय बैठक के लिए अबू धाबी को चुना जाना भी कूटनीतिक दृष्टि से अहम है। मिडिल ईस्ट का यह शहर पहले भी कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं का गवाह रहा है। माना जा रहा है कि तटस्थ माहौल और मजबूत कूटनीतिक नेटवर्क के कारण अबू धाबी को इस शांति प्रयास के लिए उपयुक्त स्थान माना गया। बैठक से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों से मुलाकात ने भी इस पहल को गति दी।

पुतिन और अमेरिकी दूतों की लंबी बातचीत

क्रेमलिन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग चार घंटे तक विस्तृत चर्चा की। इस दौरान अमेरिका-मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और फेडरल एक्विजिशन सर्विस के कमिश्नर जोश ग्रुएनबाम मौजूद थे। रूस की ओर से पुतिन के वरिष्ठ सहयोगी यूरी उशाकोव और निवेश मामलों के दूत किरिल दिमित्रिव ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। इस बातचीत को दोनों पक्षों ने सकारात्मक और उपयोगी बताया है।

सुरक्षा पर त्रिपक्षीय कार्य समूह की भूमिका

पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने जानकारी दी कि सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए एक त्रिपक्षीय कार्य समूह का गठन किया गया है। यह समूह शुक्रवार को बाद में अबू धाबी में पहली बार औपचारिक रूप से मिला। रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी जीआरयू के प्रमुख एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव के नेतृत्व में रूसी टीम को राष्ट्रपति पुतिन ने विशेष निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यह कार्य समूह युद्धविराम, सीमाई सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को सीमित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा करेगा।

रूस और अमेरिका के बीच व्यापारिक बातचीत

त्रिपक्षीय शांति वार्ता के अलावा रूस और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय स्तर पर व्यापारिक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, स्टीव विटकॉफ और किरिल दिमित्रिव अबू धाबी में अलग से मुलाकात कर सकते हैं। इस बैठक में Russia US trade relations, प्रतिबंधों और निवेश से जुड़े विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है, जो भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।

मॉस्को का स्पष्ट रुख और चेतावनी

यूरी उशाकोव ने साफ शब्दों में कहा कि रूस का मानना है कि मॉस्को और कीव के बीच स्थायी शांति तब तक संभव नहीं है जब तक क्षेत्रीय विवादों का समाधान नहीं हो जाता। उन्होंने दोहराया कि रूस यूक्रेनी संकट को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाने में रुचि रखता है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल होती है, तो रूस युद्ध के मैदान में अपने लक्ष्यों को हासिल करने की नीति पर कायम रहेगा।

आगे की राह और वैश्विक नजरें

अबू धाबी में हो रही इन बैठकों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। यदि यह शांति प्रयास सफल होता है, तो Russia Ukraine war peace process में एक नया अध्याय शुरू हो सकता है। वहीं असफलता की स्थिति में युद्ध और लंबा खिंच सकता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह वार्ता केवल एक औपचारिक पहल है या वास्तव में युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम साबित होगी।

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