Russia Ukraine War Update: पुतिन की सेना के लिए काल बना यूक्रेन का अदृश्य शिकारी, रात के सन्नाटे में मौत बनकर बरसता है ‘बाबा यागा’
Russia Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष ने दुनिया को युद्ध लड़ने के नए तरीके सिखाए हैं। जंग के शुरुआती दौर में जिस तरह तुर्की के बायराक्तर ड्रोन्स ने सुर्खियां बटोरी थीं, अब वही जगह एक नए और अधिक खौफनाक शिकारी ने ले ली है। यूक्रेनी सेना अब (Modern Warfare) की नई इबारत लिख रही है, जहाँ बाबा यागा नामक ड्रोन्स ने रूसी खेमे में दहशत पैदा कर दी है। ये भारी-भरकम बॉम्बर ड्रोन्स अब यूक्रेन की रक्षा रणनीति का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे हैं और मोर्चे पर रूसी टैंकों और बंकरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं।

लोककथाओं की चुड़ैल जो अब हकीकत में तबाही लाती है
स्लाविक लोककथाओं में ‘बाबा यागा’ एक ऐसी डरावनी चुड़ैल को कहा जाता है, जो रात के अंधेरे में शिकार करती है और तबाही मचाती है। रूसी सैनिकों ने इस ड्रोन (Russia Ukraine War Update) की मारक क्षमता और इसके खौफनाक हमलों को देखते हुए ही इसे यह नाम (Military Technology) के संदर्भ में दिया है। इस श्रेणी में केवल एक ड्रोन नहीं, बल्कि वैंपायर, R18, नेमेसिस और काजान जैसे कई घातक ड्रोन शामिल हैं। इन सभी को अलग-अलग यूक्रेनी स्टार्टअप्स और कंपनियों ने बड़ी मेहनत से तैयार किया है ताकि दुश्मन की हर चाल को नाकाम किया जा सके।
खेतों से निकलकर रणभूमि तक का सफर
बाबा यागा ड्रोन्स की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, क्योंकि इन्हें मूल रूप से खेती-किसानी के लिए बनाया गया था। फसलों पर कीटनाशक छिड़कने और भारी सामान उठाने के लिए विकसित किए गए इन कृषि ड्रोन्स की क्षमता ने यूक्रेनी सेना का ध्यान खींचा। जब युद्ध (Defense Strategy) की जरूरतों के हिसाब से बदलाव किए गए, तो ये साधारण दिखने वाले उपकरण खतरनाक हैवी बॉम्बर में बदल गए। आज यही ड्रोन्स भारी मात्रा में विस्फोटक लेकर रूसी ठिकानों पर कहर बनकर टूट रहे हैं।
छह रोटर्स वाला मौत का मसीहा
इन ड्रोन्स की बनावट इन्हें अन्य ड्रोन्स से कहीं अधिक शक्तिशाली और स्थिर बनाती है। आमतौर पर बाबा यागा ड्रोन्स में छह या उससे अधिक बड़े रोटर्स लगे होते हैं, जो इन्हें भारी वजन उठाने की ताकत प्रदान करते हैं। ये ड्रोन लगभग 15 किलोग्राम तक के घातक विस्फोटक (Explosive Payload) को लेकर 20 किलोमीटर की दूरी तक बड़ी आसानी से उड़ान भर सकते हैं। इनकी यही खूबी इन्हें एक छोटे लेकिन बेहद सटीक बॉम्बर विमान के रूप में स्थापित करती है, जिससे बचना दुश्मन के लिए लगभग नामुमकिन हो जाता है।
अचूक निशाना और अत्याधुनिक कैमरा तकनीक
इन ड्रोन्स की सबसे बड़ी ताकत इनका रात के अंधेरे में भी सक्रिय रहना है। बाबा यागा ड्रोन्स में हाई-रेजोल्यूशन थर्मल और ऑप्टिकल कैमरे फिट किए गए हैं, जो घने अंधेरे में भी रूसी ठिकानों की पहचान कर लेते हैं। ऑपरेटर इन कैमरों की मदद से (Precision Strike) को अंजाम देते हैं, जिससे मोर्टार शेल और एंटी-टैंक माइंस को सीधे दुश्मन के टैंकों के ऊपर गिराया जाता है। हाल के अपडेट्स में इनमें ऐसे इंफ्रारेड प्रोजेक्टर भी लगाए गए हैं, जो रूसी एंटी-ड्रोन सिस्टम को कुछ समय के लिए अंधा कर देते हैं।
स्टारलिंक के साथ अजेय हुआ यूक्रेन
तकनीकी मोर्चे पर यूक्रेन ने इन ड्रोन्स को और अधिक उन्नत बनाने के लिए एलन मस्क के स्टारलिंक सिस्टम का सहारा लिया है। स्टारलिंक के कम्युनिकेशन नेटवर्क (Satellite Connectivity) से जुड़ने के बाद इन ड्रोन्स की रेंज और नियंत्रण क्षमता कई गुना बढ़ गई है। अब इन्हें बहुत लंबी दूरी से भी बिना किसी सिग्नल लॉस के ऑपरेट किया जा सकता है। यह तकनीक रूसी जैमिंग सिस्टम को भी बेअसर कर देती है, जिससे बाबा यागा को मार गिराना या भटकाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
यूक्रेनी कंपनियों का स्वदेशी चमत्कार
रूस द्वारा पूर्ण पैमाने पर किए गए हमले के बाद यूक्रेन ने अपनी रक्षा प्रणालियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। स्काईफॉल (SkyFall) जैसी स्थानीय कंपनियों ने सबसे पहले इन कृषि ड्रोन्स को युद्ध के अनुकूल ढाला और साल 2023 में पहली बार इनका सफल परीक्षण किया गया। इसके बाद कई अन्य छोटी कंपनियों ने भी इस तकनीक पर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप आज यूक्रेन के पास दुनिया का सबसे बड़ा और घातक बॉम्बर ड्रोन फ्लीट (Drone Fleet) मौजूद है, जो लगातार रूस को भारी नुकसान पहुँचा रहा है।
डोनेट्स्क और खारकीव में बाबा यागा का तांडव
युद्ध के प्रमुख मोर्चों जैसे डोनेट्स्क और खारकीव में इन ड्रोन्स ने रूसी सेना की प्रगति को काफी हद तक रोक दिया है। रूसी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, कई बार आसमान में एक साथ 30 से अधिक बाबा यागा ड्रोन्स गश्त करते हुए देखे गए हैं। अब इनका इस्तेमाल (Tactical Operation) के तहत दिन के समय भी होने लगा है, जिससे रूसी सैनिकों को एक पल के लिए भी चैन नहीं मिल रहा है। ये ड्रोन्स ग्रुप में हमला करते हैं, जिसे ‘ड्रोन स्वॉर्म’ कहा जाता है, और यह रूसी सुरक्षा घेरे को पूरी तरह ध्वस्त कर देता है।
बैटरी की कमी और बढ़ती वैश्विक मांग
हालिया हफ्तों में बाबा यागा ड्रोन्स का इस्तेमाल इतनी तेजी से बढ़ा है कि यूक्रेनी सेना के पास अब इनके संसाधनों की कमी होने लगी है। विशेष रूप से इनके लिए पावरफुल बैटरी पैक (Power Supply) की कमी देखी जा रही है, जिसके लिए यूक्रेनी स्वयंसेवक और सैनिक सोशल मीडिया पर वैश्विक मदद मांग रहे हैं। दिसंबर के महीने में हुए बड़े हमलों ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले समय में यूक्रेन की जीत या हार में इन ड्रोन्स की उपलब्धता एक निर्णायक भूमिका निभाने वाली है।
रूस की जवाबी कार्रवाई और भविष्य की जंग
हालांकि बाबा यागा ने रूस को भारी घाव दिए हैं, लेकिन रूसी सेना भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है। रूस अब अपने छोटे और तेजतर्रार एफपीवी ड्रोन्स (FPV Drone) का इस्तेमाल इन भारी बाबा यागा ड्रोन्स को हवा में ही टक्कर मारकर गिराने के लिए कर रहा है। दोनों देशों के बीच जारी यह ‘ड्रोन वॉर’ भविष्य के युद्धों की दिशा तय कर रही है। यूक्रेन का यह शिकारी अब सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि उसकी संप्रभुता और साहस का प्रतीक बन चुका है, जिसने दुनिया की बड़ी सैन्य शक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया है।



