ClashIncident – रामनवमी जुलूस के दौरान गढ़वा में फैला तनाव, 20 गिरफ्तार
ClashIncident – झारखंड के गढ़वा जिले में रामनवमी के अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान गुरुवार रात अचानक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। एक छोटे से विवाद ने देखते ही देखते दो समुदायों के बीच टकराव का रूप ले लिया। घटना कावाखो शिव चतुर्थी क्षेत्र के पास हुई, जहां धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कुछ बातों को लेकर असहमति सामने आई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ध्वज और पटाखों को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महाष्टमी के मौके पर जुलूस के दौरान धार्मिक ध्वज फहराने और पटाखे चलाने को लेकर एक समुदाय ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही उग्र हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने शुरुआत में लोगों को समझाने और स्थिति शांत कराने की कोशिश की, लेकिन भीड़ पर इसका असर नहीं पड़ा। हालात नियंत्रण से बाहर जाते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए भेजा गया।
सीसीटीवी के आधार पर हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की। अधिकारियों के अनुसार, पत्थरबाजी और हिंसा में शामिल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। रांका के एसडीओ रुद्र प्रताप ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और गढ़वा के एसपी अमन कुमार खुद मौके पर पहुंचकर हालात की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
रामनवमी जुलूस को लेकर पहले से थी तैयारी
जिले में रामनवमी के अवसर पर विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा जुलूस निकाले जाने थे, जिसके लिए पहले से सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद इस तरह की घटना सामने आने से प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आगे के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि त्योहारों के दौरान सतर्कता और संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा हुआ है।



