झारखण्ड

HealthcareRecruitment – झारखंड में स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने को बड़े कदम

HealthcareRecruitment – झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही 1200 से अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। लंबे समय से अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच इस निर्णय को अहम माना जा रहा है।

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JPSC के माध्यम से पूरी होगी भर्ती प्रक्रिया

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन पदों पर नियुक्ति झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए की जाएगी, जिससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने 76 संविदा चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नए डॉक्टरों के आने से अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। साथ ही, यह कदम स्वास्थ्य तंत्र में स्थिरता लाने की दिशा में भी मददगार साबित होगा।

विभिन्न पदों के लिए भेजा गया अधियाचन

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुल 1243 पदों के लिए पहले ही अधियाचन भेजा जा चुका है। इसमें अलग-अलग श्रेणियों के डॉक्टर शामिल हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं के हर स्तर को मजबूत किया जा सके। आंकड़ों के मुताबिक, 297 पद मेडिकल ऑफिसर के लिए, 189 असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए, 97 सुपर स्पेशियलिस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए और 660 पद विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस व्यापक भर्ती से उम्मीद की जा रही है कि राज्य के मेडिकल संस्थानों में विशेषज्ञता की कमी काफी हद तक दूर होगी।

ब्लड उपलब्धता के लिए नई व्यवस्था की तैयारी

राज्य में ब्लड की कमी की समस्या को देखते हुए सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत एक बाहरी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो जरूरत के समय ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही एक टोल-फ्री नंबर जारी करने की योजना है, जिससे लोग फोन के माध्यम से ब्लड की जानकारी और बुकिंग कर सकेंगे। यह पहल आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के लिए काफी राहत देने वाली साबित हो सकती है।

जिला स्तर पर बढ़ेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं

सरकार की योजना केवल डॉक्टरों की भर्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य ढांचे को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इससे बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। खासतौर पर रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों में मरीजों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

टीबी और अन्य बीमारियों के खिलाफ अभियान तेज

राज्य सरकार ने गंभीर बीमारियों के खिलाफ भी अपनी रणनीति तेज कर दी है। सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों की व्यापक जांच कराने की योजना बनाई जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों की सही संख्या का आकलन हो सके और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, झारखंड को वर्ष 2029 तक टीबी मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिसंबर 2025 तक करीब 76 हजार टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार किया जा रहा है, जो इस दिशा में जारी प्रयासों को दर्शाता है।

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