Jharkhand Weather Update 2026: जम गया झारखंड और कांप गई रांची, बर्फीली हवाओं ने सांस लेना भी किया दुर्भर…
Jharkhand Weather Update 2026: झारखंड के लिए मंगलवार का दिन इस सीजन का सबसे खौफनाक और सर्द दिन साबित हुआ। राज्य के 15 जिलों में पारा 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है। (Jharkhand Severe Cold Wave) की चपेट में आए राज्य के कई हिस्सों में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है। कड़ाके की इस ठंड ने न केवल लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, बल्कि सामान्य कामकाज को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।

मैकलुस्कीगंज बना झारखंड का ‘मिनी स्विट्जरलैंड’
राज्य में सबसे कम तापमान रांची के मैकलुस्कीगंज में दर्ज किया गया, जहां पारा गिरकर महज 1.5 डिग्री सेल्सियस (Record Lowest Temperature) पर पहुंच गया। इसके अलावा गुमला में 2.2 डिग्री और कांके में 2.5 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि झारखंड के पठारी इलाकों में कनकनी अब बर्दाश्त से बाहर होती जा रही है। घास के मैदानों और गाड़ियों की छतों पर ओस की बूंदें बर्फ की चादर जैसी जमी नजर आ रही हैं।
कोहरे का कहर: विमान और रेल सेवाएं ठप
भीषण ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने के कारण दिल्ली और अन्य शहरों से आने-जाने वाले दर्जनभर विमान (Flight Delays due to Fog) आधे से तीन घंटे तक की देरी से संचालित हुए। यही स्थिति रेल सेवाओं की भी रही, जहां लंबी दूरी की ट्रेनें रेंगती हुई अपने गंतव्य तक पहुंचीं। यात्रियों को घंटों स्टेशन और एयरपोर्ट पर ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ा।
14 जिलों में आज भी ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 14 जिलों के लिए ‘शीत दिवस’ (Cold Day Alert in Jharkhand) घोषित किया है। इसमें गढ़वा, पलामू, रांची, बोकारो और हजारीबाग जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद आ रही सीधी सर्द हवाओं और पश्चिमी हवा की रफ्तार बढ़ने के कारण ठंड ने विकराल रूप ले लिया है। अगले 24 घंटों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
तापमान में भारी गिरावट का वैज्ञानिक कारण
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, राज्य का न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 2 से 5 डिग्री नीचे चला गया है। वहीं, अधिकतम तापमान (Temperature Deviation Analysis) भी सामान्य से 3 से 6 डिग्री तक गिर गया है। दिन और रात, दोनों समय धूप का असर कम होने और सर्द हवाओं के चलने से कनकनी में भारी इजाफा हुआ है। पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम जैसे अपेक्षाकृत गर्म जिलों में भी पारा 7 से 8 डिग्री के बीच झूल रहा है।
शीतलहर की चपेट में कोडरमा और मेदिनीनगर
पलामू प्रमंडल के मेदिनीनगर में न्यूनतम पारा 4.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि कोडरमा और लोहरदगा में यह 3.9 डिग्री रहा। (Severe Winter Statistics) बताते हैं कि खूंटी (3.7) और हजारीबाग (3.8) में भी ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को भी लोहरदगा, खूंटी, सिमडेगा और गुमला में तीव्र ‘शीतलहर’ चलने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे बचाव के लिए प्रशासन ने चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था तेज कर दी है।
जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर
भीषण ठंड के कारण अस्पतालों में हृदय और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने (Winter Health Precautions) जारी करते हुए लोगों को सिर और कान ढककर रखने की सलाह दी है। कई जिलों में प्राथमिक स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। पशुपालकों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि खुले में रहने वाले मवेशियों के लिए यह कड़ाके की सर्दी जानलेवा साबित हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक सर्द हवाओं का यह सिलसिला जारी रहेगा। (Jharkhand Weather Forecast) की मानें तो 10 जनवरी के बाद ही तापमान में आंशिक सुधार की संभावना है। तब तक लोगों को सावधानी बरतने और घर के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। झारखंड की यह सर्दी अब केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक चुनौती बन गई है जिससे निपटने के लिए पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड पर है।



