MaiyaSamman – रांची में महिलाओं के खातों में मार्च की राशि ट्रांसफर
MaiyaSamman – झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना के तहत मार्च महीने की राशि लाभार्थियों के खातों में भेज दी गई है। रांची जिले में इस योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया गया है। प्रशासन के अनुसार, यह प्रक्रिया आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पूरी की गई, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।

लाखों महिलाओं को मिला योजना का लाभ
जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, रांची में करीब 3.89 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है। प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 2500 रुपये की राशि भेजी गई, जिससे कुल मिलाकर 97 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। इस वितरण के बाद मार्च माह की सहायता राशि सभी पात्र महिलाओं तक पहुंच चुकी है।
समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला प्रशासन ने इस प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि भुगतान में किसी प्रकार की देरी या तकनीकी समस्या न हो। संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर राशि मिल सके।
समस्या होने पर तुरंत समाधान का भरोसा
प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि किसी लाभार्थी को भुगतान प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी होती है, तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे शिकायतों का जल्द निपटारा करें और किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहने दें।
चुनावी वादे के तहत शुरू हुई योजना
यह योजना राज्य में राजनीतिक घोषणा के तहत शुरू की गई थी। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था, जिसे सरकार बनने के बाद लागू किया गया। इसके तहत हर महीने महिलाओं को निर्धारित राशि सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है।
नियमित भुगतान से बनी उम्मीद
योजना के तहत अब तक लगातार हर महीने राशि का भुगतान किया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों के बीच भरोसा बढ़ा है। कई महिलाओं के लिए यह राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायक साबित हो रही है।
आर्थिक प्रभाव पर भी हो रही चर्चा
हालांकि, इस योजना को लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर इसके असर को लेकर भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाओं से सामाजिक सुरक्षा मजबूत होती है, लेकिन इसके साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होता है।



