झारखण्ड

RamNavamiSecurity – जुलूस में डीजे पर रोक, सीमित संख्या में ही शामिल होंगे श्रद्धालु

RamNavamiSecurity – रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों को लेकर प्रशासन ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जुलूस में डीजे के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, प्रत्येक जुलूस में अधिकतम 100 लोगों की ही भागीदारी तय की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और संभावित अव्यवस्थाओं को रोकना है।

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जुलूस के मार्ग और संख्या पर सख्ती

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी जुलूस और अखाड़ा दल केवल उसी मार्ग से गुजरेंगे, जिसकी अनुमति पहले से दी गई है। किसी भी तरह का मार्ग परिवर्तन स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन का मानना है कि निर्धारित रूट का पालन करने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। इसके अलावा, सीमित संख्या में प्रतिभागियों की अनुमति देने का फैसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

ड्रोन से होगी निगरानी

इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। जुलूस के दौरान और अखाड़ा स्थलों पर ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पहचान पत्र अनिवार्य किया गया

सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जुलूस में शामिल होने वाले लोगों के लिए पहचान व्यवस्था भी अनिवार्य कर दी गई है। अखाड़ा समितियों को अपने वॉलेंटियर्स की सूची पहले से पुलिस को देनी होगी, जिसमें उनके नाम, मोबाइल नंबर और फोटो शामिल होंगे। जुलूस में शामिल हर व्यक्ति के पास पहचान पत्र होना जरूरी होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी पहचान तुरंत की जा सके। आयोजन समितियों को जुलूस की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी सुनिश्चित करनी होगी।

आपत्तिजनक सामग्री पर पूरी रोक

प्रशासन ने साफ किया है कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के भड़काऊ नारे, आपत्तिजनक गीत या अश्लील संगीत की अनुमति नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित समिति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा, जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और खतरनाक करतबों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील

पुलिस प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार का उद्देश्य आपसी सौहार्द और धार्मिक भावना को बढ़ावा देना है, इसलिए सभी को नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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