LPGCrisis – कतर दौरे के बीच गैस सप्लाई संकट पर बढ़ी चिंता
LPGCrisis – ईरान से जुड़े हालिया तनाव और खाड़ी क्षेत्र में बने हालात का असर अब भारत की रसोई गैस आपूर्ति पर भी साफ दिखने लगा है। इसी पृष्ठभूमि में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कतर का दौरा किया, जहां उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित होने से देश में दबाव महसूस किया जा रहा है।

कतर के साथ अहम बैठक और बातचीत
दो दिवसीय यात्रा के दौरान मंत्री पुरी ने कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद शेरिडा अल-काबी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हाल ही में हुए संघर्ष विराम का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे समुद्री रास्तों पर आवाजाही सामान्य हो सकेगी। बातचीत में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने और भविष्य में किसी भी बाधा से बचने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना मुख्य चिंता का कारण
ऊर्जा आपूर्ति में आई रुकावट का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रभावित होना बताया जा रहा है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस परिवहन के लिए बेहद अहम है। मौजूदा हालात में इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही सीमित हो गई है, जिससे भारत समेत कई देशों पर असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, कई भारतीय जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर प्रयास जारी हैं।
एलएनजी आपूर्ति पर पड़ा सीधा असर
ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बाद भारत को कतर से एलएनजी की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। कतर के प्रमुख गैस संयंत्र पर हमले और संचालन में आई बाधा के कारण वहां से आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ टैंकर इस मार्ग से गुजरने में सफल रहे हैं, जिससे स्थिति में थोड़ी राहत जरूर मिली है।
शुल्क की खबरों पर स्पष्टता नहीं
कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस तरह की किसी भी आधिकारिक बातचीत से इनकार किया है। फिलहाल सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कूटनीतिक कदम उठा रही है।
कतर ने भरोसा दिलाया, विकल्पों पर भी काम
कतर ने भारत के साथ अपनी ऊर्जा साझेदारी को मजबूत बनाए रखने का भरोसा दिया है। कतर-एनर्जी के प्रमुख ने कहा कि क्षतिग्रस्त ढांचे को जल्द दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश जारी है। वहीं, भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अन्य देशों से आयात बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
आगे की रणनीति पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया संघर्ष विराम भारत के लिए एक अहम अवसर साबित हो सकता है। इस दौरान सरकार फंसे हुए कार्गो को निकालने और भविष्य की आपूर्ति को सुरक्षित करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। आने वाले दिनों में हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।



