Jannah Theme License is not validated, Go to the theme options page to validate the license, You need a single license for each domain name.
लेटेस्ट न्यूज़

RafaleDeal – मैक्रों के भारत दौरे में रक्षा और एआई पर जोर

RafaleDeal – फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को भारत पहुंचे। 2017 में पदभार संभालने के बाद यह उनका चौथा भारत दौरा है। मुंबई हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी पहली मुलाकात मुंबई में ही प्रस्तावित है, जहां दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

macron india rafale ai talks

रक्षा सहयोग पर केंद्रित बातचीत

इस यात्रा का एक अहम पहलू रक्षा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना है। दोनों देशों के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद को लेकर विस्तृत बातचीत होने की उम्मीद है। फ्रांस लंबे समय से भारत के साथ अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करता आया है और यह प्रस्ताव उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वार्ता में केवल विमान सौदे तक सीमित न रहकर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और संयुक्त उत्पादन जैसे विषय भी शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच सैन्य अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती को लेकर भी घोषणा की संभावना जताई गई है।

एआई और नवाचार पर साझा पहल

राष्ट्रपति मैक्रों भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भी आए हैं। यह सम्मेलन उभरती तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित है। भारत और फ्रांस, दोनों ही तकनीकी सहयोग को भविष्य की साझेदारी का अहम आधार मानते हैं।

कार्यक्रम के अनुसार, दोनों नेता ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर उद्योग जगत, स्टार्टअप, शोध संस्थानों और नवाचार से जुड़े प्रतिनिधियों को संबोधित किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और संयुक्त परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना है।

रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा

मुंबई में प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि चर्चा का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर नए और उभरते क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।

दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच भारत और फ्रांस का सहयोग कई मंचों पर महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालिया उच्च स्तरीय संपर्कों की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय यात्राओं का सिलसिला जारी रहा है। जुलाई 2023 में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के बैस्टिल डे समारोह में विशिष्ट अतिथि रहे थे। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने जनवरी 2024 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इन आयोजनों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा दी।

फ्रांस पारंपरिक रूप से भारत का विश्वसनीय रक्षा साझेदार रहा है। इसके अलावा ऊर्जा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा है। हाल में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संपन्न फ्री ट्रेड डील ने व्यापक आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को और मजबूत किया है, जिसका अप्रत्यक्ष लाभ फ्रांस के साथ संबंधों को भी मिल सकता है।

दौरे का व्यापक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास है। रक्षा सौदे, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय—इन सभी पहलुओं पर होने वाली चर्चा भविष्य के संबंधों की रूपरेखा तय कर सकती है।

राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे। इस दौरान उनकी विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी तय है। आने वाले दिनों में होने वाली वार्ताओं के नतीजे दोनों देशों के रिश्तों की अगली दिशा तय करेंगे।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.