EggSafety – जानें अंडे की ताजगी परखने के आसान घरेलू तरीके
EggSafety – अंडा रोजमर्रा की थाली का ऐसा हिस्सा है जिसे ज्यादातर लोग प्रोटीन के भरोसेमंद स्रोत के रूप में देखते हैं। नाश्ते से लेकर डिनर तक, यह कई रूपों में हमारी डाइट में शामिल रहता है। लेकिन अगर अंडा खराब निकल जाए तो यही पौष्टिक आहार सेहत के लिए खतरा बन सकता है। कई बार बाहरी रूप से अंडा बिल्कुल सामान्य दिखता है, लेकिन अंदर से उसकी गुणवत्ता खराब हो चुकी होती है। ऐसे अंडे खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी या अन्य पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए अंडे की ताजगी जांचना और उसे सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है।

अंडा खराब होने का खतरा क्यों बढ़ता है
अक्सर लोग बाजार से अंडे खरीदकर कई दिनों तक फ्रिज में रख देते हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव, गलत स्टोरेज या ज्यादा समय तक रखने से अंडे की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अंडे की उम्र बढ़ने के साथ उसकी अंदरूनी संरचना में बदलाव आने लगता है। हवा का स्थान बढ़ जाता है और सफेदी पतली होने लगती है। यही कारण है कि बाहर से सही दिखने वाला अंडा भी अंदर से खराब हो सकता है। खासकर गर्मी के मौसम में सावधानी और भी जरूरी हो जाती है।
घर पर ताजगी जांचने का आसान तरीका
अंडे की ताजगी जांचने के लिए एक सरल तरीका पानी का परीक्षण है। इसके लिए एक गिलास या बर्तन में पानी भरकर अंडा उसमें डालें। यदि अंडा नीचे जाकर सीधा लेट जाता है, तो समझिए वह ताजा है और हाल ही में रखा गया है। अगर अंडा नीचे तो चला जाए लेकिन खड़ा हो जाए, तो वह थोड़ा पुराना हो सकता है, लेकिन अभी उपयोग के लायक है। वहीं यदि अंडा पानी में तैरने लगे तो यह संकेत है कि उसके अंदर हवा का स्तर बढ़ चुका है और वह खराब हो चुका है। ऐसे अंडे को बिना देर किए अलग कर देना ही बेहतर है।
पानी परीक्षण क्या बताता है
यह ध्यान रखना जरूरी है कि पानी वाला तरीका अंडे की उम्र का अंदाजा देता है, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। कभी-कभी अंडा तैरता नहीं है, फिर भी अंदर से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए अंडा तोड़ते समय उसकी गंध और बनावट पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि अंडा तोड़ने पर तेज या असामान्य गंध आए, या जर्दी और सफेदी का रंग अजीब लगे, तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
सही स्टोरेज क्यों है जरूरी
अंडे की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए उसका सही भंडारण बेहद महत्वपूर्ण है। अंडों को हमेशा फ्रिज में स्थिर तापमान पर रखें। उन्हें दरवाजे की ट्रे में रखने के बजाय अंदर की शेल्फ पर रखना बेहतर माना जाता है, क्योंकि वहां तापमान ज्यादा स्थिर रहता है। अंडों को धोकर स्टोर करने से बचें, क्योंकि इससे उनकी प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर हो सकती है। यदि अंडे पर गंदगी हो तो इस्तेमाल से ठीक पहले हल्के हाथ से साफ करें।
खाने से पहले रखें ये सावधानियां
अंडा पकाने से पहले उसे अलग बर्तन में तोड़कर देख लेना सुरक्षित तरीका है। इससे अगर अंडा खराब हो तो बाकी सामग्री खराब नहीं होगी। अधपके अंडे से बचना भी जरूरी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए। अच्छी तरह पका हुआ अंडा संक्रमण के जोखिम को कम करता है।
सही जानकारी और थोड़ी सतर्कता से अंडे को सुरक्षित तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है। पौष्टिकता का लाभ तभी मिलेगा जब उसकी गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाए।



