PlantProteinPaneer – तरबूज के बीजों से ऐसे घर पर बनाएं हेल्दी पनीर
PlantProteinPaneer – गर्मी के मौसम में तरबूज का सेवन आम बात है, लेकिन इसके बीज अक्सर बेकार समझकर फेंक दिए जाते हैं। पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हीं बीजों से एक ऐसा विकल्प तैयार किया जा सकता है, जो न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है। तरबूज के बीजों से बना पनीर एक पौधों पर आधारित प्रोटीन स्रोत के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर उन लोगों के बीच जो डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करते हैं।

घर पर आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है
इस पनीर को बनाने की प्रक्रिया सरल है और घर पर आसानी से की जा सकती है। सबसे पहले तरबूज के बीजों को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोया जाता है, ताकि वे नरम हो जाएं। इसके बाद इन्हें साफ पानी के साथ पीसकर एक पतला मिश्रण तैयार किया जाता है। इस मिश्रण को कपड़े से छानने पर सफेद रंग का तरल अलग हो जाता है, जिसे आगे पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
बिना किसी एसिड के जम जाता है मिश्रण
दिलचस्प बात यह है कि इस प्रक्रिया में दूध से बने पनीर की तरह नींबू या सिरके की जरूरत नहीं पड़ती। जब इस तरल को धीमी आंच पर गर्म किया जाता है, तो यह अपने आप फटने लगता है और ठोस रूप लेने लगता है। यही प्रक्रिया इसे खास बनाती है, क्योंकि इसमें अतिरिक्त रसायनों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता।
स्वाद के अनुसार किया जा सकता है बदलाव
पकने के बाद इसमें स्वाद के अनुसार नमक, कसूरी मेथी या हल्दी जैसे मसाले मिलाए जा सकते हैं। इसके बाद इस मिश्रण को कपड़े में बांधकर दबाव में रखा जाता है, जिससे यह पनीर का आकार ले लेता है। तैयार पनीर को अलग-अलग व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे टिक्का या सब्जी के रूप में।
पोषण के लिहाज से क्यों है खास
तरबूज के बीजों से बना यह पनीर कई मायनों में पारंपरिक पनीर से अलग है। इसमें कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, जो इसे दिल के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर विकल्प बनाता है। इसके अलावा यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, हालांकि इसमें कुछ अमीनो एसिड की कमी हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे दाल या अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ मिलाकर खाने से पोषण संतुलन बेहतर हो सकता है।
बदलती डाइट में बन रहा नया विकल्प
आजकल लोग अपनी डाइट में नए और हेल्दी विकल्प शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में तरबूज के बीजों से बना यह पनीर एक दिलचस्प विकल्प बनकर सामने आ रहा है। खासकर वे लोग जो प्लांट बेस्ड डाइट अपनाते हैं, उनके लिए यह एक उपयोगी और स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है।



