AccidentNews – नासिक के डिंडोरी में दर्दनाक हादसा, एक ही परिवार के 9 लोगों की हुई मौत
AccidentNews – महाराष्ट्र के नासिक जिले के डिंडोरी इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। एक ही परिवार के नौ लोगों की जान चली गई, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल थे। दिन में परिवार खुशियों के बीच एक स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में शामिल हुआ था, लेकिन रात होते-होते यह खुशी मातम में बदल गई। यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार कार्यक्रम से लौटकर घर जा रहा था।

कार्यक्रम से लौटते वक्त हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना रात करीब 10 बजे शिवाजी नगर क्षेत्र में हुई। परिवार एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपनी कार से वापस लौट रहा था। बताया जा रहा है कि समारोह समाप्त होने के कुछ ही समय बाद चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। सड़क के किनारे स्थित एक कुएं के पास जैसे ही कार पहुंची, वह सीधे उसमें जा गिरी। यह कुआं पानी से पूरी तरह भरा हुआ था, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।
एक ही परिवार के थे सभी सदस्य
हादसे में जिन लोगों की जान गई, वे सभी डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के सदस्य थे। मृतकों में 32 वर्षीय सुनील दरगुडे, उनकी पत्नी रेशमा और परिवार की अन्य सदस्य आशा शामिल हैं। इसके अलावा परिवार के कई बच्चे भी इस हादसे का शिकार हुए, जिनमें प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र शामिल थे। बच्चों की मौत ने इस घटना को और अधिक हृदयविदारक बना दिया है।
बचाव कार्य में आईं कठिनाइयाँ
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, नगर पंचायत की अग्निशमन टीम और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। हालांकि, रात का समय और कुएं में भरे पानी की अधिकता के कारण शुरुआती बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। बाद में क्रेन और अन्य उपकरणों की मदद से कार को बाहर निकाला गया और सभी शवों को बरामद किया गया। इसके बाद शवों को डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कुएं की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में स्थित उस कुएं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुएं के चारों ओर पर्याप्त ऊंचाई की सुरक्षा दीवार नहीं थी, जिससे वाहन सीधे उसमें गिर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले यहां कच्ची सड़क थी और इलाके के लोग कुएं की स्थिति से परिचित थे, लेकिन सड़क के पक्की होने और आवाजाही बढ़ने के बाद जोखिम भी बढ़ गया।
स्थानीय विवाद और लापरवाही की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस जमीन पर यह कुआं स्थित है, उसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। नगर पंचायत इसे बंद करना चाहती थी क्योंकि यह क्षेत्र अब गैर-कृषि भूमि में बदल चुका है, लेकिन जमीन मालिक की आपत्ति के चलते मामला अटका हुआ है। इस बीच, इलाके में बैंक्वेट हॉल बनने और नई सड़क तैयार होने से वहां वाहनों की आवाजाही बढ़ गई, लेकिन सुरक्षा उपायों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दुर्घटना के पीछे केवल चालक की गलती थी या फिर आसपास की संरचनात्मक लापरवाही भी जिम्मेदार है। साथ ही, स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा है कि ऐसे खुले और असुरक्षित स्थानों को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



