Anmol Bishnoi: अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई तिहाड़ जेल में, सुरक्षा और कानून के सख्त पहरे में हुई नई शुरुआत
Anmol Bishnoi: सुनवाई के बाद एनआईए के विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने मीडिया को बताया कि अनमोल बिश्नोई की पुलिस रिमांड की अवधि पूरी हो चुकी थी। इसके बाद एजेंसी ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की, जिसे अदालत ने उचित मानते हुए स्वीकार कर लिया। अदालत का मानना था कि मामले की गंभीरता और आरोपी की पृष्ठभूमि को देखते हुए यह फैसला जरूरी है।

वर्चुअल पेशी के पीछे सुरक्षा कारण
Anmol Bishnoi को अदालत में शारीरिक रूप से पेश नहीं किया गया। गंभीर सुरक्षा खतरे को देखते हुए उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। इससे पहले अनमोल ने स्वयं अदालत में आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसी आधार पर अदालत ने सुनवाई को एनआईए मुख्यालय में स्थानांतरित करने का आदेश दिया, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गृह मंत्रालय की सख्त अधिसूचना
एनआईए की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक विशेष अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अनमोल बिश्नोई को केवल तिहाड़ जेल में ही रखा जाएगा और किसी अन्य राज्य में चल रहे मामलों के लिए उसे बाहर नहीं ले जाया जा सकेगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी के चारों ओर विश्वसनीय और गंभीर खतरे की आशंका है, जिस कारण यह कदम उठाया गया है।
BNSS की धारा 303 का प्रभाव
भारत सरकार के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि BNSS की धारा 303 के तहत एक वर्ष तक किसी भी राज्य की पुलिस या जांच एजेंसी अनमोल बिश्नोई की फिजिकल कस्टडी नहीं ले सकेगी। यदि किसी एजेंसी को उससे पूछताछ करनी है, तो वह तिहाड़ जेल में ही जाकर करनी होगी। इस प्रावधान का उद्देश्य बंदी की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून व्यवस्था को नियंत्रित रखना है।
अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद कार्रवाई
अनमोल बिश्नोई को हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया। भारतीय जमीन पर कदम रखते ही एनआईए ने उसे हिरासत में ले लिया। एजेंसी के मुताबिक वह वर्ष 2022 से फरार था और लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े मामले में 19वां आरोपी है। मार्च 2023 में ही उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी।
विदेश से भी चला रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों का दावा है कि अमेरिका में रहते हुए भी अनमोल बिश्नोई ने अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन जारी रखा। वह विदेश से ही गैंग के सदस्यों से संपर्क में रहता था, जबरन वसूली के मामलों को अंजाम देता था और कई हिंसक घटनाओं के निर्देश देता था। यही वजह है कि उसे एक हाई-रिस्क आरोपी माना जा रहा है।
हाई-प्रोफाइल मामलों में नाम
अनमोल बिश्नोई का नाम कई चर्चित और सनसनीखेज मामलों में सामने आया है। इनमें एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, अभिनेता सलमान खान के मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी और पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या जैसे मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में उसकी भूमिका की गहन जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं।
तिहाड़ जेल में आगे की राह
फिलहाल अनमोल बिश्नोई को तिहाड़ जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा। आने वाले समय में उससे पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया तिहाड़ जेल परिसर के भीतर ही की जाएगी। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक अहम कड़ी भी माना जा रहा है।



