Bengaluru Shobha Yatra Violence: शोभायात्रा पर पथराव के बाद जेआर नगर में बढ़ा तनाव, बेंगलुरु में फिर बिगड़ा माहौल
Bengaluru Shobha Yatra Violence: बेंगलुरु के जगजीवन राम (जेआर) नगर में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक धार्मिक शोभायात्रा पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ अपनी परंपरा का निर्वहन कर रहे थे। इस पथराव में दो महिला श्रद्धालु (Communal tension) का शिकार होकर घायल हो गईं। इस हमले ने इलाके की शांति को भंग कर दिया और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।

इरुमुडी और अय्यप्पा स्वामी की परंपरा
घटना के समय श्रद्धालु ओम शक्ति और अय्यप्पा स्वामी की पूजा के अंतर्गत ‘इरुमुडी’ लेकर यात्रा कर रहे थे। इरुमुडी (Religious tradition) अय्यप्पा व्रत का एक अत्यंत पवित्र हिस्सा माना जाता है, जिसमें श्रद्धालु सिर पर दो पोटलियों का बंडल रखते हैं। इसमें पूजा सामग्री और व्यक्तिगत आवश्यकता की चीजें होती हैं। शिकायतकर्ता शशिकुमार ने बताया कि वे 23 वर्षों से इस परंपरा का पालन कर रहे हैं और इस तरह का हमला उनकी धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाने वाला है।
जेआर नगर थाने के सामने भारी प्रदर्शन
हमले के तुरंत बाद गुस्साए स्थानीय निवासियों ने जगजीवन राम नगर थाने के बाहर धरना दिया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए (Public demonstration) को शांत कराने का प्रयास किया और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। घायलों में से एक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती
सोमवार को किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई या हिंसा की आशंका को देखते हुए पूरे जेआर नगर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी (Security deployment) की निगरानी खुद कर रहे हैं। इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला गया ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा की जा सके। पुलिस ने शरारती तत्वों को चेतावनी दी है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दलित उत्पीड़न और आगजनी के आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है। निवासियों का आरोप है कि पहले भी धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान आगजनी और बाधा डालने के प्रयास किए जा चुके हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि (Social unrest) के पीछे कुछ संगठित समूह हो सकते हैं जो दलित आबादी वाले इस क्षेत्र में आतंक फैलाना चाहते हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर पथराव करने वाले युवकों की पहचान करने में जुटी है।



