ByElection – बारामती उपचुनाव में कांग्रेस ने उतारा नया चेहरा, सियासत तेज
ByElection – महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस सीट के लिए एडवोकेट आकाश विजयराव मोरे को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। आकाश मोरे प्रदेश कांग्रेस कमिटी में सचिव के पद पर हैं और उनका राजनीतिक संबंध भी मजबूत माना जाता है, क्योंकि उनके पिता विजयराव मोरे पूर्व में विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। इस घोषणा के साथ ही उपचुनाव में मुकाबले की स्थिति और स्पष्ट होती नजर आ रही है।

सुनेत्रा पवार ने मांगा था निर्विरोध समर्थन
उम्मीदवारों के ऐलान से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से संपर्क किया था। उन्होंने बारामती सीट पर निर्विरोध चुनाव कराने की अपील की थी। सुनेत्रा पवार इस उपचुनाव में खुद मैदान में हैं और उनकी उम्मीदवारी को लेकर पहले से ही राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं।
अन्य दलों से भी साधा गया संपर्क
इससे पहले सुनेत्रा पवार ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से भी समर्थन की मांग की थी। हालांकि, इस पर अभी तक शिवसेना (यूबीटी) की ओर से कोई स्पष्ट रुख सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षेत्रीय दल इस उपचुनाव में किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।
उपचुनाव की वजह और राजनीतिक महत्व
बारामती सीट पर उपचुनाव अजित पवार के निधन के बाद हो रहा है, जो लंबे समय तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। वे इस सीट से कई बार विधायक चुने गए थे और क्षेत्र में उनका मजबूत प्रभाव माना जाता था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके चलते अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस कारण यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और विरासत का भी सवाल बन गया है।
एनसीपी (एसपी) ने चुनाव से बनाई दूरी
शरदचंद्र पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह इस उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेगी। पार्टी ने यह फैसला अजित पवार के प्रति सम्मान जताने के रूप में लिया है। इससे मुकाबले का स्वरूप कुछ हद तक बदल गया है और मुख्य रूप से कांग्रेस और सुनेत्रा पवार के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
नामांकन और राजनीतिक गतिविधियां तेज
सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं और इस दौरान कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी देखने को मिल सकती है। वहीं कांग्रेस की ओर से भी चुनावी अभियान को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बारामती में यह उपचुनाव 23 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसे लेकर सभी दल अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं।
पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलों पर सफाई
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपने भीतर किसी भी तरह के मतभेद या सत्ता संघर्ष की खबरों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि शीर्ष नेताओं के बीच संवाद को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि संगठन में एकजुटता बनी हुई है और नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है।


