CrimeControl – पंजाब में अपराध पर लगाम के लिए नई इनाम नीति लागू
CrimeControl – पंजाब में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत अपराधियों की जानकारी देने वालों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करना है, ताकि राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल बेहतर बनाया जा सके।

जानकारी देने वालों को मिलेगा इनाम, तय किए गए अधिकार
सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना में विभिन्न स्तर के पुलिस अधिकारियों को इनाम की राशि मंजूर करने के अधिकार दिए गए हैं। जिला स्तर पर एसएसपी एक लाख रुपये तक का इनाम स्वीकृत कर सकते हैं, जबकि पुलिस कमिश्नर या रेंज के आईजी और डीआईजी को डेढ़ लाख रुपये तक की अनुमति दी गई है। वहीं, विशेष डीजीपी और एडीजीपी स्तर के अधिकारी दो लाख रुपये तक की राशि मंजूर कर सकते हैं। इससे अधिक राशि की स्वीकृति का अधिकार डीजीपी के पास होगा। स्पष्ट किया गया है कि इनाम केवल उन्हीं लोगों को दिया जाएगा, जिनकी सूचना सही और प्रमाणित होगी।
28 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची जारी
इस पहल के साथ ही राज्य पुलिस ने 28 वांछित अपराधियों की सूची भी सार्वजनिक की है। अधिकारियों का कहना है कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाली हर विश्वसनीय सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। जानकारी देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह का खतरा न हो। इसके लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जहां लोग सीधे सूचना साझा कर सकते हैं।
सख्त जांच के बाद ही मिलेगा इनाम
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी सूचना पर इनाम देने से पहले उसकी पूरी तरह जांच की जाएगी। तय मानकों के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा कि सूचना देने वाला व्यक्ति इनाम का पात्र है या नहीं। पुलिस का दावा है कि सूचना देने वालों की पहचान किसी भी स्तर पर सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जिससे लोगों में विश्वास बना रहे।
अभियान के तहत बड़े पैमाने पर कार्रवाई
राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने अब तक हजारों स्थानों पर छापेमारी की है। आंकड़ों के अनुसार, 56 हजार से अधिक स्थानों पर दबिश दी गई, जिसके परिणामस्वरूप करीब 19,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 9,000 से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 15,000 से अधिक लोगों से पूछताछ भी की, जिनमें से कई को सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। इस दौरान 851 घोषित अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिश
सरकार का मानना है कि यह योजना सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम जनता और पुलिस के बीच सहयोग भी मजबूत होगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करें। उनका कहना है कि जब तक समाज और पुलिस मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।



