ElectionResults – तमिलनाडु में नई राजनीतिक करवट, विजय की पार्टी सबसे आगे…
ElectionResults – तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐसा बदलाव देखने को मिला है, जिसने दशकों से चले आ रहे समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में जोरदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ सत्ता की दौड़ में बढ़त बनाई, बल्कि सत्तारूढ़ द्रमुक को भी बड़ा झटका दिया। यह परिणाम राज्य की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।

कोलाथुर में स्टालिन की हार ने बदला राजनीतिक समीकरण
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को उनके ही कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर साबित हुआ। उन्हें 8,795 वोटों से पराजय मिली। यह नतीजा इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से यह क्षेत्र द्रमुक का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस हार ने राज्य की राजनीति में सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है।
टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, 107 सीटों पर जीत
234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 107 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी की स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी और महज दो साल के भीतर ही उसने इतना बड़ा जनाधार तैयार कर लिया। विजय ने खुद पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व दोनों सीटों से जीत हासिल की, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गठबंधन की संभावना से सरकार गठन की राह आसान
टीवीके को पूर्ण बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। ऐसे में अन्य दलों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कांग्रेस, आईयूएमएल, वाम दल, वीसीके और पीएमके जैसी पार्टियों ने मिलकर करीब 18 सीटों पर जीत दर्ज की है या बढ़त बनाए हुए हैं। राजनीतिक संकेतों से साफ है कि ये दल टीवीके के साथ आ सकते हैं, जिससे सरकार गठन की राह आसान हो सकती है।
दो साल में सत्ता तक पहुंचने का दुर्लभ उदाहरण
तमिलनाडु के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कोई पार्टी अपनी स्थापना के इतने कम समय में सत्ता के करीब पहुंची हो। टीवीके को करीब 35 प्रतिशत वोट शेयर मिला है, जो नए दल के लिए असाधारण माना जा रहा है। इस जीत के साथ विजय राज्य के पहले ईसाई समुदाय से आने वाले मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में हैं।
कहीं भारी जीत, तो कहीं बेहद करीबी मुकाबले
इस चुनाव में जहां कई सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज हुई, वहीं कुछ स्थानों पर बेहद करीबी मुकाबले भी देखने को मिले। अन्नाद्रमुक नेता एके पलानीस्वामी ने एडप्पाडी सीट पर 98,110 वोटों से जीत हासिल की, जो सबसे बड़े अंतर में शामिल है। वहीं टीवीके के पी श्रवणन और एमएल विजयप्रभु ने भी भारी अंतर से जीत दर्ज की।
इसके विपरीत, कुछ सीटों पर परिणाम बेहद रोमांचक रहे। परमाथी-वेलूर सीट पर अन्नाद्रमुक के शेखर एस ने मात्र 308 वोटों से जीत हासिल की। पलानी और कुंभकोणम जैसी सीटों पर भी जीत का अंतर बेहद कम रहा, जिससे चुनावी मुकाबले की तीव्रता साफ झलकती है।
राज्य की राजनीति में नए युग की शुरुआत के संकेत
इन चुनाव परिणामों ने यह संकेत दिया है कि तमिलनाडु की जनता अब पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से आगे बढ़कर नए विकल्पों की तलाश में है। विजय की लोकप्रियता और उनके वादों ने मतदाताओं को प्रभावित किया है, जिससे राज्य में एक नई राजनीतिक दिशा उभरती दिख रही है।