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अंतर्राष्ट्रीय

EnergySecurity – ईरान-अमेरिका तनाव के बीच केंद्र सरकार की अहम समीक्षा बैठक

EnergySecurity – ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश की आंतरिक स्थिति को लेकर केंद्र सरकार सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक उपलब्धता और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। यह हाल के दिनों में दूसरी बार है जब सरकार ने इस वैश्विक परिस्थिति के मद्देनजर उच्चस्तरीय बैठक कर हालात का आकलन किया है।

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ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने पर विशेष जोर

बैठक के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए विभिन्न देशों से खरीद के विकल्प बढ़ाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन के विस्तार पर भी काम जारी है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक सुविधा पहुंचाई जा सके।

सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं कि देश में बिजली की कोई कमी न हो, खासकर गर्मियों के दौरान जब मांग बढ़ जाती है। इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को विशेष छूट दी गई है और कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए रेल ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी विभिन्न स्रोतों से सुनिश्चित की जा रही है।

कीमतों पर नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था

एलपीजी की कीमतों को स्थिर रखने पर भी सरकार का ध्यान केंद्रित है। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ‘एंटी-डायवर्जन’ उपायों के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गैस का गलत इस्तेमाल न हो।

उर्वरक आपूर्ति और कृषि क्षेत्र पर फोकस

बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। सरकार ने खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि यूरिया उत्पादन को स्थिर बनाए रखा जा रहा है, जबकि डीएपी उर्वरक की आपूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया जा रहा है।

राज्य सरकारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखें। इसके लिए छापेमारी और सख्त कार्रवाई जैसे कदम उठाने को कहा गया है, ताकि किसानों को समय पर और उचित कीमत पर उर्वरक मिल सके।

अन्य क्षेत्रों में संभावित चुनौतियों की समीक्षा

बैठक में नागरिक उड्डयन, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और व्यापार जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में संभावित व्यवधानों को देखते हुए सरकार ने अग्रिम रणनीति तैयार करने पर जोर दिया है। वैश्विक हालात के चलते आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही गई।

आम नागरिकों की जरूरतों पर सरकार की नजर

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में आम लोगों की बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का असर देश के नागरिकों पर कम से कम पड़े, इसके लिए सभी विभाग मिलकर काम करें। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोगों तक सही और विश्वसनीय जानकारी समय पर पहुंचे, ताकि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोका जा सके।

पहले भी हो चुकी है उच्चस्तरीय समीक्षा

एक सप्ताह पहले भी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में इसी तरह की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों ने अपनी तैयारियों और उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी। उस दौरान कृषि, ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और वित्तीय क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों का आकलन किया गया था और राहत उपायों पर चर्चा हुई थी।

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