HantavirusAlert – अटलांटिक में फंसे क्रूज शिप पर संक्रमण से बढ़ी चिंता
HantavirusAlert – अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास खड़े एक डच क्रूज शिप पर संक्रमण के मामलों ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एमवी होंडियस नाम का यह जहाज दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका क्षेत्र की यात्रा पर निकला था। यात्रा के दौरान कई यात्रियों और क्रू सदस्यों में बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज पर मौजूद कुछ लोगों में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ अन्य का इलाज जारी है। जहाज पर कुल 147 लोग सवार बताए गए हैं, जिनमें यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं।
कैसे फैलता है हंता वायरस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के संपर्क से फैलता है। चूहों के मूत्र, मल या लार के जरिए यह वायरस इंसानों तक पहुंच सकता है। कई मामलों में संक्रमित वातावरण में सांस लेने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है।
इस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बीमारी जैसे दिखाई देते हैं। मरीज को बुखार, सिरदर्द, थकान, उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है। गंभीर स्थिति में फेफड़ों पर असर पड़ता है और सांस लेने में दिक्कत बढ़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह भी संकेत दिया है कि दक्षिण अमेरिकी क्षेत्रों में कुछ दुर्लभ मामलों में व्यक्ति से व्यक्ति संक्रमण की संभावना देखी गई है।
जहाज पर लगातार जारी है निगरानी
बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान बीमार पड़े कुछ यात्रियों को जहाज से बाहर निकालकर इलाज के लिए अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया। एक मरीज को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में भर्ती कराया गया, जहां संक्रमण की पुष्टि हुई।
वहीं, केप वर्डे प्रशासन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहाज को फिलहाल बंदरगाह पर रुकने की अनुमति नहीं दी है। इस कारण क्रूज शिप समुद्र में ही रुका हुआ है। स्वास्थ्य टीमें समय-समय पर जहाज पर पहुंचकर जांच और चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
कई देशों के साथ मिलकर काम कर रहा WHO
इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन विभिन्न देशों की स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है। नीदरलैंड, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन की मेडिकल एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों और क्रू को एहतियात के तौर पर अलग रहने, मास्क पहनने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जहाज को स्पेन के कैनरी द्वीप की ओर ले जाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि आगे की चिकित्सा व्यवस्था बेहतर तरीके से की जा सके।
भारत के लिए कितना बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल भारत के लिए इस घटना से सीधा खतरा नहीं माना जा रहा है। हंता वायरस के मामले भारत में बेहद कम देखने को मिले हैं और यह जहाज भी भारतीय समुद्री क्षेत्र से काफी दूर है।
हालांकि, वैश्विक यात्रा और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उन क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए जहां चूहों या जंगली जीवों की मौजूदगी अधिक हो।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि कोविड महामारी के दौरान विकसित हुई निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था भविष्य में ऐसे मामलों से निपटने में मददगार साबित हो सकती है। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जांच प्रक्रिया जारी है।