राष्ट्रीय

Opposition – असम चुनाव हार के बाद सहयोगी दलों में बढ़ी बयानबाजी

Opposition – असम विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन की बड़ी हार के बाद अब सहयोगी दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। रायजोर दल के प्रमुख और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने चुनावी नतीजों के लिए कांग्रेस की रणनीति और प्रचार अभियान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के खिलाफ प्रभावी मुकाबले के लिए विपक्ष के पास न तो स्पष्ट योजना थी और न ही साझा अभियान को लेकर गंभीर तैयारी दिखाई दी।

assam opposition alliance conflict news

चुनाव नतीजों के बाद बढ़ा असंतोष

126 सदस्यीय असम विधानसभा में एनडीए ने 102 सीटों पर जीत दर्ज कर लगातार मजबूत जनादेश हासिल किया है। दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिली। कांग्रेस 100 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 19 सीटें जीत सकी, जबकि रायजोर दल ने 13 सीटों में से दो पर जीत दर्ज की। गठबंधन में शामिल अन्य दलों का प्रदर्शन भी बेहद कमजोर रहा और वे कोई सीट हासिल नहीं कर पाए।

अखिल गोगोई ने कांग्रेस रणनीति पर उठाए सवाल

चुनावी परिणामों के बाद अखिल गोगोई ने कहा कि भाजपा लंबे समय से संगठित और बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रही थी, जबकि विपक्ष अंतिम समय तक सीट बंटवारे और गठबंधन बैठकों में उलझा रहा। उनके मुताबिक, प्रचार अभियान में एकजुटता और दिशा की कमी साफ दिखाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार में विपक्ष पूरी ताकत के साथ मैदान में नहीं उतरा, जिसका सीधा असर नतीजों पर पड़ा।

प्रचार अभियान में नेतृत्व की सक्रियता पर टिप्पणी

गोगोई ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की चुनावी सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के दौरान लगातार असम का दौरा किया और जमीनी स्तर पर प्रचार को मजबूत बनाए रखा। इसके मुकाबले कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी सीमित रही। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन सहयोगियों के बीच संयुक्त प्रचार अभियान भी अपेक्षित स्तर पर नहीं चल पाया।

भाजपा की रणनीति को बताया प्रभावी

रायजोर दल के प्रमुख ने भाजपा की जीत के पीछे कई कारण गिनाए। उनके अनुसार, परिसीमन के बाद राजनीतिक समीकरण बदले, जिसका असर कई सीटों पर देखने को मिला। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान पहचान और ध्रुवीकरण से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया। इसके अलावा सरकारी योजनाओं, विकास और राष्ट्रवाद जैसे विषयों को भी भाजपा ने प्रभावी तरीके से जनता के बीच रखा, जबकि विपक्ष इन मुद्दों का मजबूत जवाब नहीं दे पाया।

कांग्रेस नेताओं ने किया पलटवार

अखिल गोगोई की टिप्पणियों के बाद कांग्रेस नेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया ने कहा कि शिवसागर सीट पर रायजोर दल की जीत में कांग्रेस समर्थकों की भी बड़ी भूमिका रही। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पंचायत चुनावों में अलग लड़ने पर रायजोर दल का प्रदर्शन कैसा रहा था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गठबंधन के भीतर रहकर सार्वजनिक आरोप लगाना उचित नहीं है।

महिला कांग्रेस नेता ने भी जताई नाराजगी

असम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने भी गोगोई के बयानों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन में रहते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाने से विपक्ष और कमजोर होता है। उनका कहना था कि कांग्रेस ने कई सीटों पर सहयोगी दलों को समर्थन दिया और सामूहिक रणनीति के तहत चुनाव लड़ा। पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में गठबंधन की कार्यशैली और समन्वय को लेकर पुनर्विचार किया जा सकता है।

आगे की राजनीति पर टिकी निगाहें

चुनावी हार के बाद विपक्षी दलों के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में विपक्षी गठबंधन के भविष्य और उसकी एकजुटता पर सबकी नजर बनी रहेगी। फिलहाल कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे विपक्ष की रणनीति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.