BPLCorruption – बांग्लादेश प्रीमियर लीग में भ्रष्टाचार जांच से मचा हड़कंप
BPLCorruption – बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के 12वें सीजन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामलों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने कई खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और फ्रेंचाइजी से जुड़े लोगों पर ICC एंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। यह कार्रवाई बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इंटीग्रिटी यूनिट द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद सामने आई है।

बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जांच के दौरान सट्टेबाजी गतिविधियों, भ्रष्ट आचरण और जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने जैसे मामलों की पड़ताल की गई। इसके अलावा कुछ लोगों पर जांच में बाधा डालने और जरूरी जानकारी छिपाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप
टीम मैनेजर मोहम्मद लबलुर रहमान पर भ्रष्टाचार-रोधी जांच में पूरा सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया गया है। बोर्ड के मुताबिक उन्होंने जांच एजेंसी की ओर से मांगी गई जानकारी और दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने जांच प्रक्रिया में देरी पैदा करने की कोशिश की।
इसी तरह फ्रेंचाइजी के सह-मालिक मोहम्मद तौहीदुल हक तौहीद पर भी समान आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि उन्होंने संभावित भ्रष्ट गतिविधियों से जुड़ी पूछताछ में अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। साथ ही कुछ संचार और जानकारियों को छिपाने या हटाने की भी आशंका जताई गई है।
सट्टेबाजी गतिविधियों पर भी कार्रवाई
घरेलू क्रिकेटर अमित मोजुमदार और टीम मैनेजर रेजवान कबीर सिद्दीकी पर क्रिकेट मैचों से जुड़ी सट्टेबाजी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। बोर्ड के अनुसार दोनों पर मैच के परिणाम या उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर बेटिंग करने का मामला दर्ज किया गया है।
क्रिकेट की भ्रष्टाचार-रोधी नीति के तहत इस तरह की गतिविधियों को गंभीर उल्लंघन माना जाता है। ICC और सदस्य बोर्ड लंबे समय से क्रिकेट में सट्टेबाजी और मैच से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर सख्ती बरतते रहे हैं। ऐसे मामलों में दोष साबित होने पर लंबे प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
अस्थायी निलंबन के साथ नोटिस जारी
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। सभी आरोपितों को जवाब दाखिल करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद मामले की आगे की सुनवाई और प्रक्रिया तय की जाएगी।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच जारी है और इस चरण में वह किसी अतिरिक्त टिप्पणी से बचना चाहता है। क्रिकेट प्रशासन अब इस मामले को लेकर कानूनी और अनुशासनात्मक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा।
लीग की साख पर उठे सवाल
बांग्लादेश प्रीमियर लीग दक्षिण एशिया की प्रमुख टी20 लीगों में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह के आरोपों ने लीग की पारदर्शिता और संचालन व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टूर्नामेंट की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार-रोधी नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है।
हाल के वर्षों में कई क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू लीगों में निगरानी तंत्र मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में BCB की यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजों पर सभी की नजर रहेगी।