IndiGo: उड़ानों पर चली कैंसिलेशन की आंधी, इंडिगो की दर्जनों फ्लाइटें रद्द, सरकार ने लिया बड़ा ऐक्शन
IndiGo: लगातार एक हफ़्ते तक बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्दीकरण के बाद, इंडिगो एयरलाइंस का परिचालन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन के ज़्यादातर विमान एक बार फिर आसमान में उड़ान भर रहे हैं, जिससे लाखों यात्रियों को थोड़ी राहत मिली है। यह खबर उन यात्रियों के लिए एक सुकून भरी सांस लेकर आई है, जिनकी यात्राएँ हाल के दिनों में बाधित हुई थीं। हालाँकि, एयरलाइन ने लगातार आठवें दिन भी 60 से अधिक फ्लाइट्स रद्द करने की घोषणा की है, जो दर्शाता है कि सामान्य स्थिति अभी पूरी तरह से बहाल नहीं हुई है। यह संकट दिखाता है कि भारतीय विमानन क्षेत्र में परिचालन की स्थिरता (Operational Stability) बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

आठवें दिन भी 60 से ज़्यादा उड़ानें रद्द: प्रमुख एयरपोर्ट्स प्रभावित
इंडिगो (IndiGo) की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, आज (9 दिसंबर) भी कुल 67 उड़ानें रद्द की गई हैं। यह लगातार आठवां दिन है जब यात्रियों को बड़े पैमाने पर व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित एयरपोर्ट्स की सूची में चेन्नई, बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं, जो देश के महत्वपूर्ण यात्रा केंद्र हैं। इन रद्दीकरणों के कारण, यात्रियों को टिकटों की अचानक खोज (Ticket Search) और महंगी वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। इंडिगो की इस लापरवाही के बाद, सरकार भी अब सख्त एक्शन मोड में आ गई है, जिसका सीधा असर एयरलाइन के भविष्य के परिचालन पर पड़ सकता है।
एक सप्ताह में 4500 से अधिक उड़ानें रद्द: सरकार की सख्ती
पिछले सात दिनों में, इंडिगो ने अभूतपूर्व रूप से 4500 से ज़्यादा फ्लाइट्स रद्द की हैं, जिससे देश भर में हवाई यात्रा पर भारी असर पड़ा है। इस व्यापक व्यवधान को देखते हुए, सरकार ने अब कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन की उड़ानों में कटौती करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि इंडिगो के कुछ स्लॉट्स अब दूसरी एयरलाइंस को दिए जा सकते हैं, ताकि यात्रियों को कम असुविधा हो। सरकार का यह कदम एयरलाइन के बाजार हिस्सेदारी (Market Share) को प्रभावित कर सकता है और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अन्य एयरलाइंस को भी विस्तार का मौका मिले।
क्षेत्रीय एयरपोर्ट्स पर भारी असर: देखें रद्दीकरण की पूरी सूची
रद्दीकरण का यह सिलसिला देश के दक्षिणी हिस्सों में भी गहराया है। केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर आज इंडिगो की कई उड़ानें रद्द की गई हैं। वहीं, तमिलनाडु में इंडिगो की 41 फ्लाइट्स कैंसिल हैं। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में, इंडिगो ने 58 आने वाली और 63 उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को रद्द कर दिया है। ये आँकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि यह संकट केवल कुछ रूटों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी समस्या है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले फ्लाइट का स्टेटस (Flight Status) अवश्य जाँच लें ताकि अंतिम क्षण की परेशानी से बचा जा सके।
उड्डयन मंत्री की कड़ी चेतावनी: एक मिसाल कायम करने की तैयारी
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस मामले पर संसद में कड़ा बयान दिया है। उन्होंने इंडिगो को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि मामले की उच्च-स्तरीय जाँच शुरू हो गई है। सरकार इसपर इतनी सख्त कार्रवाई करेगी कि यह भविष्य में सभी एयरलाइंस के लिए एक मिसाल (Benchmark) कायम करेगी। यह कदम केवल इंडिगो को दंडित करने के लिए नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सरकार का यह रुख नागरिक उड्डयन क्षेत्र में जवाबदेही (Accountability) की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



