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IND W vs SL W 3rd T20I: तिरुवनंतपुरम में श्रीलंका का सूपड़ा साफ करेंगी हरमनप्रीत की शेरनियां, जानें डिटेल में…

IND W vs SL W 3rd T20I: भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस समय श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में पूरी तरह हावी नजर आ रही है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने शुरुआती दो मुकाबलों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने (cricket dominance) श्रीलंका की टीम को बैकफुट पर धकेल दिया है। अब तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला तीसरा मुकाबला भारत के लिए सीरीज अपने नाम करने का सबसे बड़ा अवसर है। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले मैच को 8 विकेट और दूसरे को 7 विकेट से जीतकर यह साफ कर दिया है कि वे इस दौरे पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।

IND W vs SL W 3rd T20I
IND W vs SL W 3rd T20I

दीप्ति शर्मा की वापसी से श्रीलंका के खेमे में दहशत का माहौल

भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की वापसी है। दुनिया की नंबर-1 टी20 गेंदबाज होने के नाते (bowling performance) दीप्ति की उपस्थिति विपक्षी टीम के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती पेश करती है। बीमारी के कारण वह दूसरा टी20 मैच नहीं खेल पाई थीं, लेकिन अब उनके पूरी तरह फिट होने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पहले से कहीं अधिक घातक हो गया है। दीप्ति न केवल रन रोकने में माहिर हैं, बल्कि बीच के ओवरों में विकेट निकालकर मैच का पासा पलटने का हुनर भी बखूबी जानती हैं।

जेमिमा रोड्रिग्स की फिटनेस पर अटकीं सबकी निगाहें

एक तरफ जहां दीप्ति की वापसी से टीम मजबूत हुई है, वहीं जेमिमा रोड्रिग्स की फिटनेस ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है। जेमिमा भारतीय मध्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, और उनकी (fitness test) रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि वह तीसरे मैच की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बन पाएंगी या नहीं। जेमिमा की गैरमौजूदगी में मध्यक्रम थोड़ा अनुभवहीन नजर आ सकता है, हालांकि पिछले मैचों में अन्य बल्लेबाजों ने इस कमी को महसूस नहीं होने दिया है। टीम इंडिया चाहेगी कि जेमिमा जल्द से जल्द मैदान पर लौटें।

तिरुवनंतपुरम की पिच पर गेंदबाजों का होगा असली इम्तिहान

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग नहीं कही जा सकती। यहां की परिस्थितियां ऐतिहासिक रूप से गेंदबाजों, विशेषकर स्पिनरों और मध्यम गति के तेज गेंदबाजों के अनुकूल (pitch conditions) रहती हैं। पहले दो मैचों में जहां बल्लेबाजों ने रनों की बारिश की थी, वहीं तीसरे टी20 में उन्हें एक-एक रन के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। इस पिच पर गेंद थोड़ा रुककर आती है, जिससे स्ट्रोक प्ले उतना आसान नहीं होता जितना पिछले मैदानों पर था।

टॉस और ओस का फैक्टर बिगाड़ सकता है कप्तानों का समीकरण

इस मुकाबले में टॉस की भूमिका सबसे अहम होने वाली है। चूंकि यह मैच तिरुवनंतपुरम में खेला जा रहा है, इसलिए शाम के समय ओस (dew factor) का प्रभाव पड़ना लगभग तय है। ओस गिरने के बाद दूसरी पारी में गेंदबाजी करना और फील्डिंग करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, वह बिना किसी हिचकिचाहट के पहले गेंदबाजी करने का फैसला करेगा, ताकि लक्ष्य का पीछा करते समय गीली गेंद का फायदा उठाया जा सके।

ग्रीनफील्ड स्टेडियम का रिकॉर्ड और आंकड़ों का खेल

आंकड़ों की बात करें तो तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर अब तक 4 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेले गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम और (chasing target) टीम, दोनों ने बराबर यानी 2-2 बार जीत हासिल की है। हालांकि, महिला क्रिकेट के नजरिए से यह मुकाबला ऐतिहासिक है क्योंकि इस मैदान पर पहली बार कोई महिला अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित किया जा रहा है। यहां का औसत स्कोर 145 रन के आसपास रहता है, जो यह दर्शाता है कि यह मैच हाई-स्कोरिंग होने के बजाय कांटे की टक्कर वाला होगा।

हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना की फॉर्म श्रीलंका के लिए काल

भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना की शानदार फॉर्म है। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने अब तक सीरीज में (batting skills) का बेहतरीन मुजाहिरा किया है। शैफाली वर्मा की आक्रामक शुरुआत के बाद ये दोनों खिलाड़ी पारी को बखूबी संभालती हैं। श्रीलंका के गेंदबाजों के पास फिलहाल इन दोनों को रोकने का कोई पुख्ता प्लान नजर नहीं आ रहा है। अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो इन दोनों पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने की जिम्मेदारी होगी।

श्रीलंका की उम्मीदें कप्तान चमारी अथापथु पर टिकीं

मेहमान टीम श्रीलंका के लिए यह मैच ‘करो या मरो’ जैसा है। अगर वे आज का मैच हारती हैं, तो सीरीज उनके हाथ से निकल जाएगी। श्रीलंका की पूरी बल्लेबाजी और (team strategy) उनकी कप्तान चमारी अथापथु के इर्द-गिर्द घूमती है। चमारी को न केवल खुद बड़ी पारी खेलनी होगी, बल्कि अपनी टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरित करना होगा। विशमी गुणरत्ने और कविशा दिलहारी जैसे युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेकर भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना करना पड़ेगा।

क्या भारत रचेगा जीत का नया इतिहास?

भारतीय टीम जिस लय में है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वे सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाने की प्रबल दावेदार हैं। रेणुका सिंह ठाकुर की स्विंग और ऋचा घोष की फिनिशिंग (match winner) एबिलिटी भारत को एक संपूर्ण टीम बनाती है। भारतीय टीम इस मैच को जीतकर न केवल सीरीज सुरक्षित करना चाहेगी, बल्कि बाकी बचे मैचों में नए खिलाड़ियों को मौका देने का रास्ता भी साफ करना चाहेगी। तिरुवनंतपुरम के फैंस एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

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