MatchWinning – मुकुल चौधरी की विस्फोटक पारी ने बदला मैच का रुख
MatchWinning – कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में एक समय ऐसा आया जब मैच लगभग एकतरफा नजर आने लगा था। 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम 128 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी। हालात ऐसे थे कि अधिकांश दर्शकों ने उम्मीद छोड़ दी थी। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज भी संघर्ष करते दिख रहे थे, और जीत दूर की बात लग रही थी।

धीमी शुरुआत के बाद बदला खेल का रुख
मुकुल चौधरी शुरुआत में लय में नजर नहीं आ रहे थे। 16वें ओवर तक वह 6 गेंदों पर केवल 2 रन बनाकर टिके हुए थे। 17वें ओवर की शुरुआत में भी दबाव बढ़ता गया, जब उन्होंने लगातार दो गेंदें बिना रन के खेलीं। लेकिन तीसरी गेंद पर लगाया गया चौका उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद अगली ही गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। इसी ओवर में उन्होंने कुल 11 रन जुटाकर मैच को फिर से जिंदा कर दिया।
आखिरी ओवरों में बढ़ता रोमांच
जब मुकाबला अंतिम तीन ओवरों में पहुंचा, तब लखनऊ को जीत के लिए 43 रनों की जरूरत थी। मुकुल चौधरी ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हुए 18वें ओवर में आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने इस ओवर में दो छक्कों सहित 13 रन बटोरे। इस दौरान उन्होंने स्ट्राइक अपने पास रखने की कोशिश की, जिससे दूसरे छोर पर खड़े आवेश खान पर दबाव कम रहे।
रणनीति से बढ़त बनाते मुकुल
19वें ओवर में टीम को 30 रन की दरकार थी। गेंदबाजी कैमरन ग्रीन कर रहे थे। शुरुआती दो गेंदों पर रन नहीं बनने के बाद भी मुकुल ने धैर्य नहीं खोया। तीसरी गेंद पर उन्होंने शानदार छक्का जड़ा, जिसने दबाव को गेंदबाज पर डाल दिया। इसके बाद उन्होंने एक चौका और एक और छक्का लगाकर इस ओवर से कुल 16 रन निकाल लिए। इस प्रदर्शन ने मैच को पूरी तरह संतुलन में ला दिया।
अंतिम ओवर में बना हाई-वोल्टेज माहौल
आखिरी ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 14 रन चाहिए थे। पहली गेंद पर आवेश खान ने सिंगल लेकर मुकुल को स्ट्राइक दी, जो टीम के लिए अहम साबित हुआ। दूसरी गेंद पर मुकुल ने छक्का लगाकर मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। हालांकि, अगली दो गेंदों पर रन नहीं बने, जिससे दबाव फिर बढ़ गया।
आखिरी गेंद तक टिका रहा सस्पेंस
पांचवीं गेंद पर मुकुल ने वाइड यॉर्कर पर शानदार छक्का लगाकर स्कोर बराबर कर दिया। यह शॉट मैच का निर्णायक मोड़ बन गया। अब जीत के लिए सिर्फ एक रन की जरूरत थी। आखिरी गेंद पर मुकुल बल्ले से संपर्क नहीं कर पाए, लेकिन दोनों बल्लेबाज तेजी से रन के लिए दौड़े। विकेटकीपर के पास रन आउट का मौका था, लेकिन डायरेक्ट हिट नहीं लग सका और लखनऊ ने मैच अपने नाम कर लिया।
युवा खिलाड़ी ने दिखाया आत्मविश्वास
मुकुल चौधरी ने इस मुकाबले में 27 गेंदों पर 54 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई बल्कि यह भी दिखाया कि दबाव में कैसे खेला जाता है। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह पारी उनके करियर के शुरुआती दौर में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।



