T20Super8 – दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हराया
T20Super8 – टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 चरण की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका ने प्रभावशाली अंदाज में की। अपने पहले ही मुकाबले में उसने मेजबान भारत को 76 रनों के बड़े अंतर से पराजित कर टूर्नामेंट में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह वही भारतीय टीम थी, जिसने पिछले टी20 विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराया था और 2023 विश्व कप फाइनल के बाद से आईसीसी प्रतियोगिताओं में अजेय रही थी। ऐसे में इस नतीजे को टूर्नामेंट का अहम मोड़ माना जा रहा है।

शुरुआती झटकों के बाद संभली पारी
मुकाबले की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के लिए आसान नहीं रही। टीम ने महज 20 रन पर अपने तीन प्रमुख बल्लेबाज गंवा दिए थे। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में दबाव बनाया और ऐसा लगा कि मैच भारत की पकड़ में जा सकता है। लेकिन इसके बाद बल्लेबाजों ने संयम दिखाया। मध्यक्रम में हुई लगभग सौ रनों की साझेदारी ने पारी को संभाल लिया और टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचा दिया। इस साझेदारी ने मैच की दिशा बदल दी और भारतीय टीम पर दबाव बढ़ा दिया।
मिलर और ब्रेविस की भूमिका अहम
कप्तान एडेन मार्करम ने जीत के बाद बातचीत में स्पष्ट कहा कि मैच का टर्निंग पॉइंट वह महत्वपूर्ण साझेदारी रही, जिसने टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला। डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने हालात को समझते हुए जोखिम और धैर्य के बीच संतुलन बनाया। उन्होंने तेजी से रन बटोरने के बजाय पहले पारी को स्थिर किया और बाद के ओवरों में आक्रामक रुख अपनाया। मार्करम के मुताबिक उस समय टीम के भीतर यही चर्चा थी कि विकेट थोड़ा अलग व्यवहार कर रहा है, इसलिए जल्दबाजी के बजाय समझदारी से खेलना जरूरी है।
रणनीति में लचीलापन
मार्करम ने बताया कि उनकी टीम ने हालात के मुताबिक अपनी रणनीति बदली। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने जल्दी ही समझ लिया कि पिच उम्मीद से अलग है और उसी के अनुरूप अपने शॉट चयन और गेंदबाजी योजना में बदलाव किया। कप्तान ने विशेष रूप से गेंदबाजी इकाई की सराहना की। उनका मानना है कि शुरुआत में थोड़ी मुश्किल जरूर हुई, लेकिन बाद में गेंदबाजों ने लय पकड़ ली और भारत को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
मध्य ओवरों में बना अंतर
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने स्वीकार किया कि मुकाबले का असली फर्क मध्य ओवरों में पड़ा। बल्लेबाजी के दौरान इसी चरण में रन गति नियंत्रित रखते हुए स्कोर आगे बढ़ाया गया। वहीं गेंदबाजी के दौरान भी इसी हिस्से में भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया गया। मार्करम ने कहा कि टीम ने अहंकार को किनारे रखकर परिस्थिति के अनुसार खेला और यही जीत की कुंजी बनी। उन्होंने माना कि डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन तब तक दक्षिण अफ्रीका मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
गेंदबाजी संयोजन पर भरोसा
अपनी गेंदबाजी रणनीति पर बात करते हुए मार्करम ने लुंगी एन्गिडी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एन्गिडी जब भी गेंदबाजी करते हैं तो विकेट लेने की क्षमता रखते हैं, खासकर मध्य ओवरों में। टीम परिस्थितियों को देखकर तय करती है कि उन्हें नई गेंद से उपयोग करना है या बाद में। कप्तान के अनुसार एन्गिडी हर भूमिका निभाने को तैयार रहते हैं और यही उन्हें एक भरोसेमंद टीम खिलाड़ी बनाता है।
भारत के लिए चेतावनी
इस नतीजे ने भारत को टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में ही चुनौती दे दी है। घरेलू परिस्थितियों में खेल रही टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने योजनाबद्ध खेल दिखाकर मुकाबला अपने नाम किया। सुपर 8 का यह चरण अभी लंबा है, लेकिन पहले ही मैच में मिली यह हार भारत के लिए आगे की रणनीति तय करने का संकेत दे गई है।



