स्पोर्ट्स

T20WorldCup – 19 वर्षों में सिर्फ छह बार टाई मुकाबले

T20WorldCup – टी20 विश्व कप की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी और तब से लेकर अब तक इस टूर्नामेंट ने क्रिकेट प्रेमियों को कई यादगार पल दिए हैं। करीब 19 साल के इतिहास में सैकड़ों मैच खेले गए, लेकिन हैरानी की बात यह है कि केवल छह मुकाबले ही ऐसे रहे जो टाई पर समाप्त हुए। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि टी20 प्रारूप में रोमांच तो भरपूर रहा, लेकिन बराबरी का नतीजा अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। इन छह मैचों में भी नतीजा तय करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए, जिनमें बॉल आउट से लेकर सुपर ओवर और डबल सुपर ओवर तक शामिल हैं।

t20 world cup six tied matches

पहले संस्करण में बॉल आउट से हुआ फैसला

टी20 विश्व कप के पहले ही संस्करण में एक ऐतिहासिक टाई मैच देखने को मिला था। भारत और पाकिस्तान के बीच लीग चरण का मुकाबला निर्धारित ओवरों के बाद बराबरी पर छूटा। उस समय सुपर ओवर का प्रावधान नहीं था, इसलिए बॉल आउट के जरिए विजेता तय किया गया। नियम के अनुसार, दोनों टीमों के गेंदबाजों को बिना बल्लेबाज के स्टंप्स पर गेंद मारनी थी। भारत के पहले तीन गेंदबाजों ने निशाना साधा, जबकि पाकिस्तान के गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं हो सके। इस तरह भारत ने यह अनोखा मुकाबला अपने नाम किया। बाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुपर ओवर को स्थायी रूप से लागू किया गया।

2012 में वन ओवर एलिमिनेटर का दौर

साल 2012 के टी20 विश्व कप में दो मैच टाई रहे। उस समय सुपर ओवर को वन ओवर एलिमिनेटर कहा जाता था। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच एक मुकाबला बराबरी पर छूटा, जबकि न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच भी स्कोर समान रहा। दोनों ही मौकों पर वन ओवर एलिमिनेटर के बाद परिणाम तय हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों बार न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा। उस दौर में बाउंड्री काउंट जैसे नियम भी चर्चा में रहे, हालांकि बाद में नियमों में बदलाव किए गए।

2024 में फिर लौटा टाई का रोमांच

2012 के बाद लंबे अंतराल तक कोई टाई मुकाबला नहीं हुआ। फिर 2024 के संस्करण में दो मैच बराबरी पर खत्म हुए। नामीबिया और ओमान के बीच खेले गए मैच में सुपर ओवर के जरिए नतीजा निकला और नामीबिया ने जीत दर्ज की। इसी संस्करण में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मुकाबला भी टाई रहा, जिसमें सुपर ओवर में अमेरिका ने उलटफेर करते हुए जीत हासिल की। इन मैचों ने दिखाया कि टी20 प्रारूप में छोटी टीमों के लिए भी बड़ा परिणाम हासिल करना संभव है।

2026 में डबल सुपर ओवर का ऐतिहासिक क्षण

टी20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार 2026 में डबल सुपर ओवर देखने को मिला। दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया मुकाबला निर्धारित ओवरों के बाद बराबरी पर छूटा। पहले सुपर ओवर में भी दोनों टीमें समान स्कोर पर रहीं, जिसके बाद दूसरा सुपर ओवर खेला गया। आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को जीत के लिए छक्का चाहिए था और मुकाबले को फिर टाई कराने के लिए चार रन की दरकार थी, लेकिन बल्लेबाज कैच आउट हो गए। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने रोमांचक मुकाबले में बाजी मार ली।

बदलते नियम और बढ़ता रोमांच

टी20 विश्व कप के इन छह टाई मुकाबलों ने क्रिकेट नियमों के विकास को भी दर्शाया है। बॉल आउट से शुरू होकर वन ओवर एलिमिनेटर, फिर सुपर ओवर और अंततः डबल सुपर ओवर तक का सफर इस प्रारूप की रोमांचक प्रकृति को दिखाता है। हर टाई मैच ने दर्शकों को अलग तरह का अनुभव दिया और टूर्नामेंट के इतिहास में खास स्थान बनाया।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.