TeamStrategy – इन छह लेफ्ट हैंडर्स पर जमकर उठे सवाल
TeamStrategy – टी20 विश्व कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद भारतीय टीम की रणनीति पर बहस तेज हो गई है। खासतौर पर शीर्ष क्रम में लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को उतारने का फैसला चर्चा के केंद्र में है। टूर्नामेंट के इस अहम चरण में भारत छह लेफ्ट हैंडर्स के साथ मैदान में उतरा और विरोधी टीम के ऑफ स्पिनरों ने पावरप्ले में इसका फायदा उठाया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या टीम प्रबंधन संयोजन में बदलाव करेगा और संजू सैमसन को शीर्ष क्रम में मौका देगा।

पावरप्ले में दोहराई गई समस्या
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहायक कोच रयान टेन डोएशे से इसी मुद्दे पर सवाल पूछा गया। आंकड़े बताते हैं कि अब तक खेले गए पांच मुकाबलों में से चार में विपक्षी टीमों ने शुरुआत पार्ट टाइम ऑफ स्पिन से की और भारत को शुरुआती झटका दिया। अमेरिका के खिलाफ मुकाबले को छोड़ दें तो लगभग हर मैच में पारी की शुरुआत में ही विकेट गिरा है। टेन डोएशे ने माना कि बार-बार पहले ओवरों में विकेट गंवाने से मध्यक्रम पर दबाव बनता है और टीम को संभलने का मौका नहीं मिलता।
संतुलन की तलाश
कोचिंग स्टाफ का मानना है कि शीर्ष क्रम में लगातार बाएं हाथ के बल्लेबाज होने से विपक्षी कप्तानों को गेंदबाजी रणनीति तय करने में आसानी मिल रही है। जब पावरप्ले में ऑफ स्पिनर तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट कर देता है तो यह संकेत है कि संयोजन पर पुनर्विचार की जरूरत है। हालांकि टीम प्रबंधन स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में भी है, क्योंकि पिछले डेढ़ साल में इसी समूह ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
अनुभव बनाम बदलाव
रयान टेन डोएशे ने कहा कि टीम में अनुभव सीमित है और बड़े टूर्नामेंट में स्थिरता अहम होती है। उनका तर्क है कि जिन खिलाड़ियों ने हाल के महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन पर भरोसा बनाए रखना भी जरूरी है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो विकल्पों पर विचार करना स्वाभाविक है।
टीम प्रबंधन के सामने चुनौती यह है कि क्या वे मौजूदा संयोजन के साथ बने रहें या फिर बदलाव कर नई दिशा दें। अगले दो मुकाबले बेहद अहम हैं, इसलिए हर निर्णय सोच-समझकर लेना होगा।
संजू सैमसन का विकल्प
संजू सैमसन का नाम स्वाभाविक रूप से चर्चा में है। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और शीर्ष क्रम में संतुलन ला सकते हैं। टेन डोएशे ने कहा कि सैमसन को शामिल करने से रणनीतिक रूप से फायदा हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस पर गंभीर चर्चा होगी।
सैमसन ने इस टूर्नामेंट में एक मैच खेला है, जिसमें उन्होंने 8 गेंदों पर 22 रन बनाकर अपनी आक्रामक क्षमता दिखाई थी। ऐसे में उन्हें मौका देने की मांग भी उठ रही है। हालांकि अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान की रणनीति पर निर्भर करेगा।
आगे की चुनौती
सुपर 8 के अगले मुकाबले भारत के लिए निर्णायक होंगे। बल्लेबाजी क्रम में संतुलन और शुरुआती ओवरों में सतर्कता जरूरी होगी। विरोधी टीमों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ ऑफ स्पिन का उपयोग करने से नहीं हिचकेंगी। ऐसे में संयोजन में बदलाव या रणनीति में सुधार, दोनों ही विकल्प खुले हैं।
भारतीय टीम के लिए अब हर मैच महत्वपूर्ण है और चयन से जुड़ा हर निर्णय सीधा परिणाम पर असर डाल सकता है।



