CrimeNews – STF की सटीक कार्रवाई से इनामी आकाश यादव गिरफ्त में
CrimeNews – उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी आकाश यादव को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। धानेपुर इलाके में सक्रिय इस कुख्यात लुटेरे को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने रविवार को एक गोपनीय सूचना के आधार पर दबोच लिया। खास बात यह रही कि पूरी कार्रवाई बिना किसी मुठभेड़ या गोलीबारी के शांतिपूर्वक पूरी की गई, जिसे हाल के दिनों में पुलिस कार्रवाई के बदलते तौर-तरीकों के तौर पर देखा जा रहा है।

STF की रणनीतिक कार्रवाई, बिना टकराव गिरफ्तारी
एसटीएफ को आकाश यादव की गोंडा में मौजूदगी की पुख्ता जानकारी काफी समय से मिल रही थी। टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। रविवार को जैसे ही लोकेशन कन्फर्म हुई, टीम ने इलाके की घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान किसी तरह का विरोध या हिंसा नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी तरह योजनाबद्ध और तकनीकी निगरानी पर आधारित ऑपरेशन था।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बीच गिरफ्तारी
इस गिरफ्तारी को हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा पुलिस के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ जैसे मामलों पर जताई गई नाराजगी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट कहा था कि सजा देना न्यायपालिका का कार्य है, न कि पुलिस का। ऐसे में बिना गोली चलाए हुई यह गिरफ्तारी कानून के दायरे में रहकर की गई कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है।
संगठित गिरोह का सरगना था आकाश यादव
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आकाश यादव कोई सामान्य अपराधी नहीं था। वह एक संगठित लुटेरा गिरोह का नेतृत्व करता था, जिसमें सुमित तिवारी, संदीप मौर्य, आदित्य कश्यप और हरतू कश्यप शामिल थे। यह गिरोह मुख्य रूप से हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर रात के समय वारदातों को अंजाम देता था। उनकी कार्यशैली बेहद सुनियोजित और खौफ पैदा करने वाली थी।
मिर्ची पाउडर और चाकू से दहशत
गिरोह का तरीका बेहद क्रूर था। बाइक सवारों और राहगीरों को रोककर उनकी आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया जाता, जिससे पीड़ित कुछ समझ पाता उससे पहले नकदी, मोबाइल और वाहन लूट लिए जाते थे। कई मामलों में चाकू से हमला कर डराया भी गया। इस वजह से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
एक के बाद एक कई गंभीर वारदातें
पुलिस के मुताबिक, 23 अप्रैल 2024 को कोतवाली देहात क्षेत्र में एक बाइक सवार से लूट की गई। इसके कुछ दिन बाद 29 अप्रैल को नवाबगंज इलाके में दो लोगों से 40 हजार रुपये छीने गए। 21 मई को खरगूपुर क्षेत्र में रात करीब साढ़े 11 बजे लूट की घटना हुई, जिसमें नकदी और मोबाइल फोन ले जाए गए। 2 जून 2024 की रात तो गिरोह ने दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया—पहले मोतीगंज में एक ई-रिक्शा चालक पर चाकू से हमला कर लूट और फिर धानेपुर में दो अन्य लोगों को निशाना बनाया गया।
गैंगस्टर एक्ट और इनाम की घोषणा
लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वर्ष 2025 में धानेपुर थाने में आकाश यादव और उसके गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। गिरोह के अन्य सदस्य समय रहते गिरफ्तार कर लिए गए, लेकिन आकाश पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। उसकी गिरफ्तारी को प्राथमिकता देते हुए आईजी स्तर से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पूछताछ में फरारी नेटवर्क की तलाश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आकाश यादव से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी, कहां-कहां वह छिपा रहा और क्या उसके नेटवर्क के अन्य लोग अभी भी सक्रिय हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



