DowryCase – एसडीएम अनुपम मिश्रा पर केस के बाद प्रशासनिक हलचल
DowryCase – उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। चंदौली के पीडीडीयू नगर तहसील में तैनात एसडीएम अनुपम मिश्रा पर उनकी पत्नी के परिवार की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला दर्ज होने के बाद से वह चर्चा में हैं और सोमवार को कार्यालय में उनकी अनुपस्थिति ने इस मामले को और सुर्खियों में ला दिया।

कार्यालय से अनुपस्थिति ने बढ़ाई चर्चाएं
सोमवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के बावजूद एसडीएम अनुपम मिश्रा अपने कार्यालय नहीं पहुंचे। जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने अस्वस्थ होने की बात कही। वहीं उनकी पत्नी, जो खुद एक एसडीएम हैं, अपने निर्धारित कार्यक्रम में शामिल रहीं। इस स्थिति ने प्रशासनिक महकमे में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।
दहेज उत्पीड़न के आरोप और शिकायत
मामले की शुरुआत तब हुई जब एसडीएम दिव्या ओझा के पिता ने अपने दामाद के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी पर दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि नकदी और अन्य सामान देने के बावजूद प्रताड़ना जारी रही।
परिवार के अन्य सदस्यों पर भी आरोप
दर्ज मुकदमे में केवल अनुपम मिश्रा ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी शामिल किए गए हैं। आरोपों के मुताबिक, कई लोगों ने मिलकर दिव्या ओझा को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साक्ष्य और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया
शिकायतकर्ता ने अपने बयान के साथ कुछ साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे हैं, जिनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, पीड़िता का बयान भी दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
आरोपी पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले में एसडीएम अनुपम मिश्रा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि यह चर्चा रही कि उनकी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने ऐसी किसी तहरीर की पुष्टि नहीं की है।
जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब आरोपी अधिकारी का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिसके लिए आवश्यक प्रशासनिक अनुमति मांगी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।



