उत्तर प्रदेश

FraudCase – निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का नेटवर्क उजागर

FraudCase – उत्तर प्रदेश में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में घिरे रवींद्रनाथ सोनी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दिल्ली निवासी आरोपी ने अलग-अलग राज्यों में लोगों को ऊंचे मुनाफे और सोने में निवेश का लालच देकर बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। पुलिस अब उसके आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और सहयोगियों की भूमिका की जांच में जुटी है।

investment fraud network exposed in up case

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने नोएडा से अपनी गतिविधियां शुरू की थीं, लेकिन उसके खिलाफ पहला मामला अलीगढ़ जिले के इगलास थाने में दर्ज हुआ। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डीएफएम जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेडिंग कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए निवेश योजनाएं चलाई जाती थीं।

निवेश योजनाओं के जरिए लोगों को जोड़ा गया

पुलिस के अनुसार, कंपनी ने अलग-अलग रकम की निवेश योजनाएं शुरू की थीं। इनमें 14 हजार रुपये से लेकर सात लाख रुपये तक की स्कीमें शामिल थीं। निवेशकों को कुछ समय बाद रकम दोगुनी होने और बड़े निवेश पर सोने की गिन्नी देने जैसे वादे किए जाते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी में कई लोग अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम कर रहे थे। किसी का काम निवेशकों को जोड़ना था, तो कोई योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को निवेश के लिए तैयार करता था। पुलिस अब इन सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।

अलीगढ़ में दर्ज हुआ पहला मामला

इस पूरे प्रकरण में पहला मुकदमा साल 2019 में अलीगढ़ के इगलास थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने उनसे पैसा लेकर निवेश आईडी बनाने का वादा किया, लेकिन बाद में न तो आईडी बनाई गई और न ही रकम वापस की गई।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि कंपनी ने और लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया था। जब निवेशक को पैसा नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही मामलों की जानकारी सामने आने लगी।

कई राज्यों में दर्ज हुए केस

पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ हरियाणा और लखनऊ में भी मामले दर्ज किए गए। लखनऊ में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया कि निवेश की रकम एक साल में दोगुनी करने का भरोसा देकर लाखों रुपये लिए गए। शुरुआत में कुछ रकम लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक दर्ज सभी मामलों की जानकारी एकत्र की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस कथित ठगी से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

संपत्तियों और आय की जांच जारी

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी से जुड़ी करीब 13 से 14 करोड़ रुपये की संपत्तियों का पता चला है। वहीं आयकर रिकॉर्ड में पिछले कुछ वर्षों में अपेक्षाकृत कम आय दर्शाई गई है। इसी आधार पर आर्थिक स्रोतों की भी जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने संबंधित विभागों को जानकारी भेजी है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संपत्ति किस तरह अर्जित की गई। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

परिवार और सहयोगियों से भी पूछताछ

जांच के तहत आरोपी के करीबियों और परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

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